संतकबीरनगर। जनपद के कई स्कूल संचालकों ने अभी तक अपने वाहनों का फिटनेस नहीं बनवाया है। बच्चों के भविष्य को देखते हुए संभागीय परिवहन विभाग इस पर शिकंजा कसेगा। स्कूल प्रबंधतंत्र के मनमानेपन पर लगाम लगेगी। दो माह पूर्व स्कूल वाहनों का डाटा पोर्टल पर लोड करने का आदेश विभाग की तरफ से दिया गया था। इसके बाद भी 143 स्कूल वाहनों का फिटनेस अभी तक नहीं बन सका है।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे चल रही है। जिले में 143 स्कूल वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र अब तक नहीं बन सका है, जबकि एआरटीओ विभाग की ओर से कई बार संबंधित स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
इसके बावजूद नियमों की अनदेखी कर वाहन सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। ऐसे में हजारों बच्चों की जिंदगी खतरे में पड़ गई है।
जानकारी के अनुसार जिले के विभिन्न निजी स्कूलों में संचालित बस, वैन और अन्य वाहन बिना वैध फिटनेस के ही बच्चों को लाने-ले जाने में लगे हैं। परिवहन विभाग ने अभियान चलाकर ऐसे वाहनों की सूची तैयार की थी और स्कूल प्रबंधन को समय रहते फिटनेस कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन विभागीय चेतावनी का असर नहीं दिख रहा है।
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हादसे की आशंका के बीच अभिभावकों में चिंता
बिना फिटनेस वाले वाहनों में तकनीकी खराबी, ब्रेक फेल, टायर घिसे होने और सुरक्षा मानकों की कमी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल फीस के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है, लेकिन बच्चों की सुरक्षा को लेकर कोई गंभीर नहीं है। कुछ अभिभावकों ने कहा कि स्कूल प्रबंधन बच्चों की जान जोखिम में डाल रहा है। प्रशासन को ऐसे वाहनों पर रोक लगानी चाहिए।
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कई बार भेजे गए नोटिस
एआरटीओ विभाग के अधिकारियों के मुताबिक जिन स्कूल वाहनों का फिटनेस समाप्त हो चुका है, उन्हें कई बार नोटिस भेजा गया। इसके बाद भी वाहन संचालकों ने आवश्यक दस्तावेज पूरे नहीं किए। विभाग अब सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। लोगों का कहना है कि विभाग इस पर कड़ी कार्रवाई करे। केवल नोटिस भेजने तक सीमित रहने से स्कूल संचालकों के हौसले बुलंद हैं।
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ये हैं प्रमुख नियम
- स्कूल वाहनों का नियमित फिटनेस परीक्षण अनिवार्य
- सीसीटीवी, फर्स्ट एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र जरूरी
- वाहन में स्पीड गवर्नर और जीपीएस सिस्टम होना चाहिए
- चालक का सत्यापन और अनुभव प्रमाणपत्र आवश्यक
बिना फिटनेस चल रहे वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों और वाहन संचालकों पर जुर्माना समेत अन्य कार्रवाई की जाएगी। बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
-प्रियंवदा सिंह, एआरटीओ