मेंहदावल। अब परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में प्रधानाध्यापक खुद समय सारिणी तय करेंगे। प्रधानाध्यापक अपने विद्यालय में शिक्षकों की उपलब्धता के अनुसार समय सारिणी बनाएंगे। इससे पढ़ाई में भी आसानी होगी। शिक्षकों ने कहा कि केंद्रीयकृत व्यवस्था के तहत विभाग पहले समय सारिणी तय करता था। कई विद्यालयों को सख्ती से पालन करने में काफी कठिनाई होती थी।
बीईओ महेंद्रनाथ त्रिपाठी ने बताया कि परिषदीय प्राथमिक स्कूल एक अप्रैल से 30 सितंबर तक सुबह 8:00 बजे से दोपहर दो बजे तक व फिर एक अक्तूबर से 31 मार्च तक और सुबह नौ बजे से दोपहर 3:00 बजे तक खुलते हैं। कई विद्यालयों में छात्रों के हिसाब से शिक्षक की तैनाती रहती है, तो वहां केंद्रीयकृत टाइम टेबल को आसानी से लागू कर लिया जाता है। स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण टाइम टेबल का पालन करने में कठिनाई होती थी।
महानिदेशक स्कूली शिक्षा के निर्देश के तहत प्रधानाध्यापक अपने स्तर से अब 40-40 मिनट के पीरियड तय करेंगे और उसका पालन कराएंगे। फिलहाल विद्यालयों में अब पाठ्यक्रम को तय समय पर पूरा कराने में आसानी होगी। अब पढ़ाई में क्षेत्रीय और आंचलिक गतिविधियों को जोड़ा जा सकेगा। खेल की कक्षा के साथ-साथ नवाचार के लिए शिक्षक अपने-अपने स्तर से प्रयास कर सकेंगे। वह यह देखेंगे कि क्षेत्र विशेष के अनुसार ही किस तरह गतिविधियों को समय सारिणी में शामिल किया जाना आवश्यक है। फिलहाल स्कूलों के संचालन में आसानी होगी।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष प्रेम प्रकाश दूबे का कहना है कि इससे स्कूलों में गतिविधियां बढ़ेंगी और संचालन में आसानी होगी।