सिद्धार्थनगर। शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता व मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह की उपस्थिति में सोमवार को सिद्धार्थ सभागार में जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक हुई।
बैठक में जनगणना निदेशालय, उत्तर प्रदेश से नामित नोडल अधिकारी नागेंद्र यादव ने बताया कि जनगणना-2027 भारत की जनगणना शृंखला की 16वीं तथा आजादी के बाद आठवीं जनगणना होगी। यह विश्व की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्ययोजना है और गांव, वार्ड व शहर स्तर के आधिकारिक आंकड़ों का एकमात्र स्रोत है।
उन्होंने प्रशिक्षण और फील्ड कार्य की समय-सीमा स्पष्ट करते हुए बताया कि मास्टर ट्रेनरों का प्रशिक्षण 24 से 27 फरवरी 2026 तक कराया जाएगा। इसके बाद 31 मार्च 2026 तक फील्ड ट्रेनरों की नियुक्ति व प्रशिक्षण तथा प्रगणक और पर्यवेक्षकों की तैनाती पूरी कर ली जाएगी। प्रगणक व पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण 15 मई 2026 तक संपन्न कराई जाएगी।
पहले चरण में 22 मई से 20 जून 2026 तक (उत्तर प्रदेश में) मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य होगा। इससे पहले 7 मई से 21 मई तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी। दूसरे चरण में 9 से 28 फरवरी 2027 तक जनसंख्या की गणना कराई जाएगी।