धनघटा। बृहस्पतिवार को धनघटा तहसील परिसर में आंदोलन कर रहे अधिवक्ताओं के समर्थन में अति पिछड़ा एकीकरण महा अभियान यानी प्रजापति समाज के लोग उतर गए। करीब एक घंटे तक चले नारे बाजी के कारण तहसील का कार्य ठप हो गया। इसी बीच अधिवक्ताओं ने 10 मार्च को बृहद आंदोलन करने की घोषणा की।
उपनिबंधक कार्यालय धनघटा का निर्माण तहसील परिसर में कराए जाने की मांग को लेकर धनघटा तहसील के अधिवक्ता चार माह से धरना प्रदर्शन तहसील परिसर में प्रतिदिन करते चले आ रहे हैं। हालांकि अधिवक्ताओं का आंदोलन अब सार्थक होता हुआ दिखने लगा है। क्योंकि दान में मिली जिस जमीन पर सब रजिस्ट्रार कार्यालय भवन का निर्माण चल रहा था वह जमीन विवादित हो गई है।
अधिवक्ता बृहस्पतिवार को जब तहसील परिसर में प्रदर्शन कर रहे थे। उसी समय अति पिछड़ा एकीकरण महाभियान यानी प्रजापति समाज के लोग भारी संख्या में तहसील परिसर में पहुंचे और संगठन के नेता अनिल प्रजापति के नेतृत्व में अधिवक्ताओं के आंदोलन में शामिल होकर नारेबाजी करने लगे।
तहसील बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता लाल शरण सिंह ने कहाकि तहसील के 36 बिस्सा जमीन पर थाने का कब्जा है और जो थाना की भूमि है वह खाली पड़ी हुई है। तहसील के पास अपनी जमीन होते हुए एक किलोमीटर दूर मानक विहीन और विवादित स्थल पर सब रजिस्ट्रार कार्यालय भवन का निर्माण कराया जा रहा है।
इस मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता प्रेम नारायण मिश्र, हनुमान प्रसाद, अरविंद श्रीवास्तव, शिवप्रसाद राय, राधेश्याम मौर्य, दिलीप तिवारी, दिलीप राय, सुनील पांडेय, प्रभुनाथ यादव, अन्नपूर्णा माझी, सरिता पांडेय, विजय लाल आदि लोग मौजूद रहे।