संतकबीरनगर। धनघटा तहसील के नाथनगर के ेग्राम पंचायत में अनियमित तरीके से आवासीय पट्टा करने का मामला तहसील से नकल निकालने के बाद उजागर हुआ है।
नाथनगर ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान अस्पताल में भर्ती थे, उसी दौरान तहसील प्रशासन की मिली भगत से जनवरी 2024 में 11 लोगों को आवासीय पट्टा करने का प्रस्ताव पारित हो गया है। यहीं नहीं तत्कालीन डीएम महेंद्र सिंह तंवर के जारी आदेश में छह अगस्त को प्रधान की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत होने की पुष्टि हुई। इसके बाद भू प्रबंधन समिति ने 21 अक्तूबर 2024 को 11 लोगों के नाम बंजर में नवीन परती खाते की भूमि का आवासीय पट्टा स्वीकृत कर दिया।
नाथनगर ग्राम पंचायत में आवासीय पट्टा में नियमों को दर किनार करके स्वीकृत करने का मामला उजागर हुआ है। नाथनगर ग्राम पंचायत के रामलौट, सीताराम, अजहरुदीन, कलीमुल्लाह आदि ने तहसील से नकल निकाला तो पाया कि राजस्व गांव भिटनी दुघारी उर्फ नाथनगर में 9 और राजस्व गांव जगदीशपुर गौरा (आंशिक) में कुल 2 लाभार्थियों को आवासीय पट्टा दिया गया। जो 21 अक्तूबर 2024 को एसडीएम धनघटा ने स्वीकृत किया। इसके लिए अभिलेख में बाकायदा डुग्गी मुनादी, नोटिस, फोटो व बैठक का भी होना दर्शाया गया है।
जो फोटो बैठक में होना अभिलेख में शामिल किया गया है। उसमें ग्राम प्रधान कही पर भी नजर नही आ रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि तहसील से मिले नकल को ध्यान से देखा जाए तो अभिलेखों की तिथि में कई जगह ओवर राइटिंग किया गया है। आवासीय पट्टा के लिए भूमि प्रबंधन समिति की बैठक से संबंधित जारी एजेंडा की तिथि में भी ओवरराइटिंग साफ दिखाई दे रहा हैं। यही नही सभी अभिलेख पर ग्राम प्रधान का हस्ताक्षर भी फर्जी होने की चर्चा आम है। आवंटियों में बहुत से लोग ऐसे हैं जो आवासीय पट्टा के पात्र भी नहीं हैं। कुछ के परिजन सरकारी नौकरी में बताए जा रहे हैं और कुछ ऐसे भी हैं जो जीएसटी होल्डर व लाखों रुपये का कारोबार भी करते हैं।
जबकि तत्कालीन ग्राम प्रधान बैठक और प्रस्ताव के समय लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती बताए जा रहे हैं। जिनका कई महीने तक उपचार चला है और बाद में तत्कालीन डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने 3 सितंबर को सहायक विकास अधिकारी पंचायत नाथनगर 12 अगस्त 2024 की रिपोर्ट 6 अगस्त 2024 को ग्राम प्रधान राम खदेरन की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत होने की जानकारी के बाद ग्राम पंचायत के विकास कार्य की जिम्मेदारी वार्ड नंबर 5 के सदस्य सर्वेश कुमार को सौंप दिया था। इसके बाद भी तहसील प्रशासन ने नियमों को अनदेखा करके आंख बंदकर आवासीय पट्टा का आवंटन कर दिया।
वही मामला उजागर होने के बाद ग्राम पंचायत सदस्यों ने नोटरी शपथ पत्र तैयार कर डीएम के पास शिकायत करने की तैयारी शुरू कर दी है।