प्रशिक्षण में कुपोषण से बचाव की जानकारी भी दी गई
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संतकबीरनगर के बघौली ब्लॉक मुख्यालय पर मंगलवार को डीएम की अध्यक्षता में पोषण मिशन के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इसमें कुपोषण दूर करने संबंधी जानकारियां दी गईं। प्रशिक्षण के बीच में ही प्रधानों ने बेसिक शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए समस्याएं बताईं। डीएम ने समस्याओं को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने का आश्वासन दिया।
बघौली प्रतिनिधि के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीएम डॉ. सरोज कुमार ने कहा कि कुपोषण की समस्या को दूर करने के लिए शासन गंभीर है। इसके बचावों की उपायों की जानकारी सभी होनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की नसीहत दी। डीपीओ अरुण दुबे ने कुपोषण की वजह से बच्चों को होने वाली हानियों को बताया। कहा कि डीएम के गोद लेने वाले गांव औरंगाबाद में सितंबर में 15 बच्चे अतिकुपोषित और 24 आंशिक कुपोषित थे।
जो अब घटकर एक अति कुपोषित और पांच आंशिक कुपोषित हो गए हैं। कुपोषण को दूर करने में प्रधान, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सभी की जिम्मेदारी है। जब सब लोग मिलकर इसके लिए काम करेंगे तभी प्रशासन की मंशा सार्थक होगी। इसी बीच प्रधान जामडीह नवीउल्लाह ने कहा कि प्राथमिक एवं जूनियर स्कूलों पर शिक्षिकाएं लेटलतीफ आ रही हैं। जबकि अन्य प्रधानों ने कहा कि प्राइवेट विद्यालय में 4000 रुपये पाने वाला अध्यापक पढ़ा रहा है और 40000 रुपये पाने वाले सरकारी शिक्षक न तो ठीक से पढ़ा रहे है और न ही स्कूलों में छात्रों को इकट्ठा कर पा रहे है।
कई स्थानों पर एमडीएम भी नहीं बन रहा है। जहां एमडीएम बनता है, वहीं जांच भी होती है। इस दौरान एबीएसए की भूमिका पर भी प्रधानों ने सवाल खड़े किए। प्रधान संघ अध्यक्ष राधेश्याम यादव ने कहा कि शिक्षा विभाग शिक्षा देने के सिवाय सबकुछ हो रहा है।
एबीएसए आरडी प्रसाद ने कहा जो सूचनाएं प्रधानों के स्तर से प्राप्त होंगी, उस पर कार्रवाई जरूर होगी। बैठक में डीसी मनरेगा, डीपीओ अरुण कुमार दूबे,एडीओ पंचायत सभाजीत,सीडीपीओ दीनानाथ द्विवेदी,एएनएम, ग्राम प्रधान और बाल विकास परियोजना के कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के बाद डीएम ने गोद वाले गांव औरंगाबाद में आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।