संतकबीरनगर। तीन दिन पूर्व आई आंधी पानी से जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था ठप हो गई। कहीं पोल गिरे, तो कहीं तार टूटकर गिर गए। बिजली कर्मी लगातार इसे दुुरुस्त करने में जुटे हैं, फिर भी विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हो रा रहा है। इसकी वजह से उपभोक्ताओं को परेशानी झेलने पड़ रही है। हालांकि शहर के औद्योगिक क्षेत्र की बिजली आपूर्ति काफी मशक्कत के बाद बहाल हो गई है। इससे उद्यमियों को राहत मिली है।
मंगलवार को आई तेज आंधी-पानी में जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था पटरी से उतर गई थी। करीब सौ से अधिक बिजली के पोल धराशायी हो गए थे, और करीब 250 गांवों में अंधेरा छा गया था। इस बीच बिजली निगम के कर्मचारियों ने काफी मशक्कत के बाद अधिकतर स्थानों पर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी है, लेकिन अब भी मगहर फीडर से जुड़े गांवों में बिजली का संकट बना हुआ है।
लक्ष्मीपुर निचौरा सहित कई गांवों में बिजली नहीं आ रही है, तो जहां बिजली आपूर्ति शुरू की गई है वहां भी बार-बार बिजली कट रही है। स्थिति यह है कि रात के समय में एक- एक घंटे में बिजली कुछ देर के लिए ठप हो जा रही है। इधर औद्योगिक क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बृहस्पतिवार की सुबह बहाल कर दी गई, जिससे यहां कारोबार करने वाले उद्यमियों को राहत मिली है।
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बखिरा कस्बे में दो दिनों के बाद बिजली आपूर्ति हुई बहाल
बखिरा। क्षेत्र में बिजली आपूर्ति दो दिन बाद बहाल हो गई है, जिससे कस्बेवासियों ने राहत की सांस ली। हालांकि बिजली आपूर्ति बहाली के लिए नवनिर्वाचित सभासदों को इसके लिए धरना देना पड़ा। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और आपूर्ति बहाल हो सकी।
बिजली न आने से उपकेंद्र पर लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। मामले की नजाकत को भांपते हुए प्रशासन ने बुधवार की देर शाम मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया व हंगामा कर रहे पक्ष व बिजली निगम के मध्य समझौता कराते हुए व आपसी सहमति से बिजली आपूर्ति शुरू कराई। प्रशासन के निर्देश पर बिजली कर्मियों ने भी छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बुधवार की देर रात करीब एक बजे बिजली आपूर्ति बहाल कराने में सफलता पाई। कस्बे के लोगों ने रात एक बजे पंखे व बत्ती जलने पर राहत की सांस ली। 000000000000000000000000000000000
सभासदों के धरने पर बैठने से प्रशासन हुआ सक्रिय
बखिरा। बखिरा कस्बे में दो दिनों से बिजली आपूर्ति ठप थी। आपूर्ति चालू कराने के लिए बिजली निगम गंभीर नहीं था। लोग भीषण गर्मी व उमस से परेशान थे। आपूर्ति बहाली के लिए कहीं से भी कोई हलचल नहीं होने पर सभासदों ने आगे बढ़कर लोकतांत्रिक तरीके से उपकेंद्र के बाहर धरना शुरू कर दिया। सभासदों ने कहा कि भीषण गर्मी पड़ रही है। हजारों की आबादी उमस से बेहाल है, किंतु बिजली के खंभे लगाकर आपूर्ति बहाली के लिए कदम नहीं उठाया जा रहा है। धरने का असर यह रहा कि नायब तहसीलदार प्रियंका त्रिपाठी ने मौके पर लेखपाल अर्जुन पाठक, एसओ श्याममोहन के साथ पहुंचकर वार्ता की और धरना खत्म कराया। धरने में धर्मेंद्र कुमार, राजेश गुप्ता, विवेक सिंह, बैजनाथ गुप्ता आदि शामिल लोग रहे।
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तीन दिनों से बिजली आपूर्ति ठप होने से नाराज ग्रामीणों का प्रदर्शन
मेंहदावल। विद्युत वितरण खंड मेंहदावल से बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो गई है। इसका नतीजा यह है कि तीन दिनों से कई गांव अंधेरे में डूबे हुए हैं। इसको लेकर बिशुनपुर, तिवारीपुर के ग्रामीणों ने गांव में प्रदर्शन कर विद्युत निगम को तत्काल विद्युत आपूर्ति बहाल करने की चेतावनी दी है। ऐसा न होने पर विद्युत वितरण खंड कार्यालय के घेराव की घोषणा की है। मेंहदावल विकासखंड के ग्राम पंचायत छपिया, बिशुनपुर, तिवारीपुर, जोरवा के ग्रामीण भागी जायसवाल, नीलेश साहनी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया और कहा कि तीन दिनों से मेंहदावल के पूर्वी क्षेत्र के कई गांव विद्युत आपूर्ति से वंचित हैं। विद्युत निगम को समस्या से अवगत कराने के बाद भी अभी तक आंधी पानी में ध्वस्त हुई बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। इसके कारण लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। मोटर नहीं चल पा रहा, जिसके कारण टंकियों में पानी नहीं है। इनवर्टर डिस्चार्ज हो चुके हैं, तथा आटा चक्की ठप पड़े हुए हैं। विद्युत वितरण खंड के अधिकारी उपभोक्ताओं की समस्या के प्रति उदासीन बने हुए हैं, जिसके कारण उन्हें चेतावनी देने के लिए गांव में प्रदर्शन किया जा रहा है। यदि 24 घंटे के अंदर इस क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति नहीं बहाल हुई तो ग्रामीणों के साथ विद्युत वितरण खंड कार्यालय मेंहदावल का घेराव कर प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान विकास यादव, विशाल, संगम पांडेय, राजदेव, मनोज ,दिनेश कुमार आदि मौजूद रहे।