प्रबंधक वैभव चतुर्वेदी ने कहा कि पॉलिथीन का प्रयोग विश्व पर्यावरण के लिए अत्यंत ही घातक और जानलेवा है और ये कैंसर का मुख्य कारक बनता है।
पॉलिथीन को बनाने में केवल एक मिनट का समय लगता है, किंतु इसे नष्ट होने में कई साल लग जाते है। आज के माडर्न युग में लोगों को प्लास्टिक बैग या बाटल में पानी पीने की आदत हो गई है।
जो सही नहीं है। ट्रेन की यात्रा हो या फिर ज्यादा पानी के आदत के कारण प्लास्टिक की बाटल हमेशा बैग में रखी मिल जाती है। मगर प्लास्टिक की बाटल में पानी पीना या रखना स्वास्थ्य के लिए बहुत ही नुकसान दायक है।
उन्होंने कहा कि अगर प्लास्टिक की बाटल में पानी पीते है तो इसकी वजह से गैस का बनना, कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि बाटल जब धूप या ज्यादा तापमान होने पर जब गर्म हो जाता है तो प्लास्टिक में मौजूद केमिकल्स का रिसाव शुरू हो जाता है।
ये आक्सीजन पानी में घुलकर हमारे शरीर में पहुुंचता है। कोआर्डिनेटर विकास सिंह ने कहा कि पालीथिन बैग या किसी भी प्रकार के प्लास्टिक के प्रयोग पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाना चाहिए और जागरूकता के लिए विद्यालय के बच्चों एवं अभिभावकों का सहयोग लेना चाहिए।
इस दौरान मौजूद छात्राओं को प्रबंधक वैभव चतुर्वेदी ने पालीथिन के प्रयोग न करने को लेकर संकल्प दिलाया। इस अवसर पर मीडिया प्रभारी राजेश पांडेय, निरूपमा पांडेय, सुमन सिंह, अरूण त्रिपाठी, अभय श्रीवास्तव, शिल्पा, नीलू यादव, बालकेश चौहान आदि मौजूद रहे।