फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोकशी रोकने के लिए प्लान तैयार करेगी पुलिस 

Thu, 28 Apr 2016 11:42 PM IST
संतकबीरनगर/ ब्यूरो
विज्ञापन
police meeting - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
संतकबीरनगर के  डीआईजी लक्ष्मी नारायन ने बृहस्पतिवार को एसपी ऑफिस का वार्षिक मुआयना किया।
विज्ञापन

इस दौरान उन्होंने अकाउंट, पत्रवाहक शाखा का निरीक्षण कर अभिलेखों के रखरखाव का हाल जाना। कुछ स्थानों पर कमियां मिलने पर सुधार की हिदायत दी। 
डीआईजी ने माना कि जनपद गोकशी के लिए चर्चित है। इसकी रोकथाम के लिए प्लान बनाया गया है।
कुछ रूट चिह्नित किए गए हैं। जिले में शव फेंके जाने के मामले बढ़ रहे हैं। गोरखपुर से गाड़ियां बुक करके यहां लाईं जाती हैं और फिर चालक की हत्या कर शव को फेंक दिया जाता है। ऐसी कुछ घटनाएं प्रकाश में आईं हैं। इन्हें रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरा का सहारा लिया जाएगा। मगहर और कांटे पुलिस चौकी के पास हाईवे पर सीसीटीवी कैमरा लगवाया जाएगा। 
उन्होंने मकान मालिकों से कहा कि उजाला बदमाशों का दुश्मन होता है।
ऐसे में रात में बिजली न होने पर भी इन्वर्टर से एक बल्व घर के बाहर जरूर जलाएं। ताकि गश्ती सिपाहियों के लिए भी मुफीद साबित हो और बदमाश मोहल्ले के अंदर घुसने से डरें। वाहन चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए अतिरिक्त लॉक की व्यवस्था वाहन स्वामी को करनी चाहिए। 
विज्ञापन

यदि कोई घटना हो तो सबसे पहले 100 नंबर पर सूचना देनी चाहिए।
इससे बड़ा फायदा यह है कि वह मामला रजिस्टर होगा और कंट्रोल रूम ड्यूटी पर तैनात कर्मी सेट से सूचना को प्रसारित करेगा और पुलिस टीम समय से मौके पर जरूर पहुंचेगी। नागरिक सुविधाओं का जिक्र करते हुए बताया कि ई एफआईआर की सुविधा प्रदान की गई है, लेकिन अज्ञात में ही ई एफआईआर की सुविधा मिलेगी। सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए डिजिटल वालंटियर और व्हाट्स ऐप ग्रुप चालू किया जा रहा है।
शुक्रवार से पुलिस द्वारा सोशल मीडिया ग्रुप पर गुड मार्निंग भेजे जाने की शुरुआत भी कर दी जाएगी। सोशल मीडिया में गलत मैसेज भेजने वालों को चिह्नित करने के लिए पुलिस के पास साफ्टवेयर है। इसके माध्यम से गलत मैसेज भेजने वालों तक पहुंचा जा सकता है। आईजीआरएस पर अब कोई भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगा। 
भाजपा के जिलाध्यक्ष रामललित चौधरी और सांसद प्रतिनिधि महेंद्र नाथ दूबे ने डीआईजी से मांग की कि कटाई में पुलिस चौकी स्थापित किया जाना जरूरी है। इस पर डीआईजी ने जमीन की व्यवस्था कराने पर सहमति व्यक्त की।
दोनो नेताओं ने कहा कि सभी पार्टियों के जिलाध्यक्षों का मोबाइल नंबर सभी थानाध्यक्ष फीड करें ताकि फोन करने वे उठाएं और शिकायत का निस्तारण समय से करें। कांशीराम शहरी आवास में आवंटित लोग नहीं रहते है बाहरी अपराधी यहां आ कर रुकते हैं।
विज्ञापन

डीआईजी ने एसपी शैलेष कुमार पांडेय को निर्देशित किया कि वह कोतवाल को निर्देश देकर सत्यापन कराएं और सभी आवंटियों का नाम और मोबाइल नंबर जुटाएं, ताकि अपराध होने पर सही अपराधी तक पुलिस पहुंच सकें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें