कीचड़युक्त पानी के सहारे जानवर जिंदा
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मेंहदावल के नगरीय क्षेत्रों के लोगों को छुट्टा पशुओं के आतंक से मुक्ति मिलने की उम्मीद जग गई है।
नगर क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित डेयरी मालिकों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। इसमें पुलिस और समाजसेवी संगठनों की भी मदद ली जाएगी।
इस बाबत मुख्य सचिव ने अधिशासी अधिकारियों को पत्र भेज कर निर्देश का अनुपालन कराने को कहा है। छुट्टा घूमने वाले पशुओं व अवैध रूप से चल रही डेयरियों को नगरीय क्षेत्र से बाहर करने के लिए शासन गंभीर है।
सड़कों पर घूम रहे सभी छुट्टा पशुओं को 20 जुलाई के बाद नगरीय क्षेत्रों से बाहर कर दिया जाए। नगरीय क्षेत्र में स्थित डेयरियों को बाहर करने के लिए नगर निकाय को नगर क्षेत्र के बाहर कैटिल कालोनियां स्थापित करने का आदेश दिया गया है।
नगर क्षेत्र से बाहर होने के बाद यदि पुन: डेरियों का संचालन मिले तो ऐसे डेरी संचालकों के खिलाफ दंडात्मक व विधिक कार्रवाई के लिए संबंधित उप जिलाधिकारी व पुलिस क्षेत्राधिकारी का सहयोग नोडल अधिकारी लें।
अवैध रूप से डेयरी मिलने पर संबंधित नगर निकाय के नोडल अधिकारी, पशुचिकित्साधिकारी, संबंधित थानाध्यक्ष व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे। शासन ने यह भी निर्देश दिया है कि छुट्टा पशुओं को बाहर करने के लिए स्वयंसेवी संगठनों का भी सहयोग प्राप्त किया जाए।
गर पंचायत के अधिशासी अधिकारी उमाकांत मिश्र ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार अवैध रूप से डेयरियों व घुमंतू पशुओं को नगर क्षेत्र से बाहर करने के लिए अभियान चलाया जाएगा।