धनघटा। महुली क्षेत्र के मुखलिसपुर बाजार में शुक्रवार की शाम छात्रों की पिटाई कर करीब 22,000 लूटने के आरोपी वारदात के तीन दिन बाद भी पुलिस पकड़ से दूर हैं। पुलिस चौकी के बगल ही डेरा डाले आरोपियों को पुलिस के जरिये दिए जाने वाले अभय दान को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा हो रहे हैं।
धनघटा क्षेत्र के गोपीपुर गांव निवासी दो युवक शुक्रवार की शाम मोबाइल का डाटा केबल खरीदने के लिए मुखलिसपुर गए थे। उसके थोड़ी देर पहले शुभम नामक युवक एटीएम से 22,000 रुपये लूट लिए थे। दोनों युवक डाटा केबल खरीदने के बाद घर लौटने के लिए अपनी बाइक के पास पहुंचे तो उसी समय सात- आठ की संख्या में मुखलिसपुर और उसके अगल-बगल गांव के निवासी मनबढ़ किस्म के युवक हॉकी, रॉड से दोनों युवकों पर हमला कर दिया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों युवक जान बचाने के लिए एक दुकान में घुस गए और शटर बंद कर लिया। इस भी आरोपी बाहर से शटर पीटने लगे, जिससे भयभीत होकर दुकानदार ने शटर खोल दिया तो दुकान के अंदर घुसकर एक युवक को मारपीट कर अधमरा कर दिया। शाम करीब 7:00 बजे हुई घटना को देखने वालों की भीड़ मौजूद थी, लेकिन किसी ने बीच-बचाव नहीं कराया।
घटनास्थल से डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर स्थित पुलिस चौकी से दो सिपाही भी पहुंचे जो तमाशबीन की भूमिका में थे। मारपीट के दौरान युवक की जेब में रखे करीब 22000 रुपये आरोपी लूट ले गए। घटना के बाद पीड़ित युवकों के साथ उनके परिजन महुली थाने पहुंचे और तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की, तो एसओ मुकदमा दर्ज करने से आनाकानी करने लगे। उसी दिन थानाध्यक्ष की मंशा साफ दिखी जो आरोपियों के बचाव में थे।
शनिवार को एसपी सत्यजीत गुप्ता महुली थाने में समाधान दिवस में जब फरियाद सुन रहे थे, तो पीड़ित उनके पास पहुंचे, जिसमें मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने तत्काल मुकदमा दर्ज किए जाने का आदेश दिया। एसपी के आदेश पर पुलिस ने 10 नामजद तीन अज्ञात के विरुद्ध डकैती, बलवा, मारपीट की धाराओं में मुकदमा तो कायम कर लिया, लेकिन अब जब आरोपियों को पकड़ा नहीं गया है।
पीड़ित परिजनों का आरोप है कि आरोपी मुखलिसपुर पुलिस चौकी से 50 मीटर की दूरी पर स्थित एक मकान पर पूरे दिन बैठकर रणनीति बना रहे हैं, जिसकी जानकारी पुलिस को अच्छी तरह है, लेकिन पुलिस उन पर हाथ डालने से कतरा रही है। इस घटना के बाद से मुखलिसपुर बाजार के लोग दहशत में हैं। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटना होने के बाद पुलिस का दबाव न बनाना यह जाहिर करता है कि अपराधियों का मनोबल बढ़ाने की कोशिश में पुलिस कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है।
पीड़ित परिवार के लोग सोमवार को मुख्यमंत्री समेत पुलिस के उच्चाधिकारियों को प्रार्थनापत्र भेजकर थानाध्यक्ष महुली की भूमिका की जांच कराते हुए आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किए जाने की मांग की है। इस संबंध में थानाध्यक्ष संतोष मिश्रा ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है। किसी भी कीमत पर आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे।
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कानून व्यवस्था को तोड़ने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी किए जाने का निर्देश महुली एसओ को दिया है। पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है। आरोपी जल्द ही पकड़े जाएंगे।
- सत्यजीत गुप्ता, एसपी