संतकबीरनगर जिले के बुजुर्ग महिला और बालिका को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया गया था। महिला का बेटा आरोपी की पत्नी को भाग ले गया है। इसी से खफा होकर उसने घटना को अंजाम दिया। इसमें आरोपी के साले और साले के भांजे से उसका साथ दिया।
एएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार की रात में कोल्हुआ लकड़ा गांव में सोने के दौरान आग लगने से 65 वर्षीय सुराती देवी और उसकी बेटी उर्मिला की पुत्री 12 वर्षीय सुमन की मौत हो गई थी।
उर्मिला के बेटे आनंद ने बृहस्पतिवार की रात पुलिस को तहरीर दिया कि कोल्हुआ लकड़ा गांव निवासी नीरज व रविंद्र गुप्ता अपने दो अज्ञात साथियों के साथ मिलकर पुरानी रंजिश की वजह से उसके नानी के घर में आग लगा दिए। जिसकी वजह से नानी और बहन की मौत हो गई।
इस मामले में नीरज, रविंद्र और दो अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई। कोतवाल विजय नरायन प्रसाद और एसओजी टीम के प्रभारी धर्मेंद्र सिंह की संयुक्त टीम ने आरोपी रवींद्र गुप्ता निवासी पाली थाना सहजनवां जनपद गोरखपुर को तहसील सदर के मुख्य गेट के पास से शुक्रवार को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपी रवींद्र गुप्ता ने बताया कि सुराती देवी का बेटा पृथ्वी 11 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन उसकी पत्नी माया देवी को लेकर भाग गया था। पत्नी के साथ पांच वर्ष का बेटा भी है। पत्नी उसके बाराबंकी स्थित मकान के कागजात व समस्त जेवरात लेकर चली गई है। इस घटना से आरोपी काफी आहत था और उसके अंदर पृथ्वी से बदला लेने का विचार पैदा हुआ।
रवींद्र गुप्ता अपने साले विंदेश्वरी निवासी कोल्हुआ लकड़ा को मुंबई से बुलाया। साला विंदेश्वरी भी बहन के भागने से हुई सामाजिक क्षति से दुखी था। आरोपी साला विंद्रेश्वरी 14 सितंबर की रात खलीलाबाद शहर के एक होटल में रुका। आरोपी रवींद्र भी उसी होटल पर पहुंचा। विंद्रेश्वरी ने फोन करके अपने भांजे विक्की को बुला लिया। रात में एक ही बाइक से तीनों कोल्हुआ लकड़ा गांव के लिए निकले गए। रास्ते में उतरावल पंचायत भवन के पास पहुंच कर रवींद्र ने बाइक से पांच लीटर पेट्रोल डिब्बे में निकाला।
टिनशेड में सोने के दौरान सुराती देवी और उसकी नातिन सुमन के ऊपर डिब्बे में रखा पेट्रोल डालकर आग लगा दी। दोनों को मरा समझ कर तीनों बाइक से नेदुला भाग गए। एएसपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी रवींद्र गुप्ता को जेल भेज दिया गया है। विंदेश्वरी और विक्की की तलाश की जा रही है।