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अयोध्या पर फैसले को लेकर सतर्क रहा प्रशासन

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शहर में सुरक्षा को लेकर पैदल मार्च करती पुलिसकर्मी। - फोटो : KHALILABAD
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अयोध्या पर फैसले को लेकर सतर्क रहा प्रशासन
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- शहर में दोपहर तक पसरा रहा सन्नाटा
- फैसला जानने के लिए टीवी और मोबाइल देखते रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क रहा। जगह-जगह बैरीकेटिंग कर वाहनों की जांच होती रही। यह सिलसिला दिन भर चला। दूसरी तरफ लोग भी फैसले की जानकारी लेने के लिए टीवी और मोबाइल देखते रहे। दोपहर तक शहर में सन्नाटा पसरा रहा। किसी अनहोनी की आशंका से कई स्थानों पर दुकानें बंद रही, हालांकि फैसला आने के बाद धीरे-धीरे शाम तक स्थिति सामान्य हो गई।
राम मंदिर मामले में फैसला आने से पूर्व ही प्रशासन शांति कमेटियों की बैठकें कर लोगों से सौहार्द बनाने रखने की अपील करता रहा। शुक्रवार की रात में जैसे ही खबर आई कि शनिवार को सुप्रीम कोर्ट फैसला सुनाएगा, इसके बाद प्रशासन की सक्रियता अचानक बढ़ गई। डीएम रवीश गुप्त व पुलिस अधीक्षक ब्रजेश सिंह लगातार भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी में जुट गए। शनिवार की सुबह से ही अयोध्या की ओर जाने वाले मार्ग को खलीलाबाद मेंहदावल बाईपास से डायवर्ट कर दिया गया। शहर में प्रतिदिन की अपेक्षा भीड़ कम रही। अधिकतर दुकानें बंद रही। कोर्ट ने फैसला सुनाना शुरू किया तो सड़कों पर पूरी तरह से सन्नाटा पसर गया। इस दौरान एडीएम रणविजय सिंह और एएसपी असित श्रीवास्तव के साथ पुलिस टीम शहर में पैदल मार्च निकाला और लोगों को सुरक्षा का एहसास कराया। इधर रेलवे स्टेशन पर भी सन्नाटा पसरा रहा। इक्का-दुक्का यात्री ही नजर आएं। जबकि मेंहदावल बाईपास पर गंतव्य को जाने के लिए लोग वाहनों का इंतजार करते देखे गए।
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बंद रहे स्कूल-कॉलेज व शराब की दुकानें
संतकबीरनगर। अयोध्या मामले में फैसले के मद्देनजर एहतियात के तौर सभी स्कूल-कॉलेज 11 नवंबर तक के लिए बंद कर दिए गए हैं। 12 को गुरुनानक जयंती पर अवकाश है। 13 नवंबर को स्कूल कॉलेज खुलेंगे। इसके साथ ही शनिवार को शराब की दुकानें भी बंद करा दी गई थी।
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