जांच के बाद ग्राहकों के लिए खोला गया पेट्रोल पंप
पांच लीटर में 20 मिलीलीटर मिली कमी, घोरहट स्थित पंप का मामला
री स्टेपिंग कराने के लिए पंप संचालक को निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
हरिहरपुर। तीन दिन पूर्व घटतौली के आरोप में सील हुए घोरहट स्थित पेट्रोल पंप को एसडीएम प्रमोद कुमार की मौजूदगी में जांच टीम ने क्लीन चिट दे दी। जांच में मानक के अनुरूप तेल की माप मिलने पर एसडीएम और जांच टीम ने पुन: पंप चालू करने की अनुमति प्रदान कर दी। वैसे टीम की जांच में पांच लीटर पेट्रोल में 20 मिलीलीटर की कमी पाई गई जो अनुमन्य सीमा के अंदर होना बताया गया। बाट माप विभाग के निरीक्षक की ओर से री स्टेपिंग कराने के निर्देश पंप संचालक को दिए गए। यदि री स्टेपिंग में फिर कमी मिली तो घटतौली मानी जाएगी।
शुक्रवार को शिकायतकर्ता उपभोक्ता असगर ने महुली बस्ती रोड पर घोरहट स्थित पेट्रोल पंप पर घटतौली का आरोप लगाते हुए मोबाइल के जरिए डीएम से शिकायत की थी। जिसे संज्ञान में लेते हुए डीएम ने एसडीएम धनघटा प्रमोद कुमार को मामले की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। मौके पर पहुंचे एसडीएम प्रमोद कुमार ने आरोप सही पाए जाने पर पेट्रोल पंप को सील कर दिया था। सोमवार को प्रभारी डीएसओ मीरा राय, बाट माप निरीक्षक अरुण कुमार शाही, सप्लाई इंस्पेक्टर सौरभ गोस्वामी, इंडियन आयल कॉरपोरेशन के विक्रय अधिकारी गौरव जोशी की टीम घोरहट स्थित सेनानी फिलिंग स्टेशन पर घटतौली के आरोप में सील पेट्रोल पंप की जांच करने पहुंची। मौके पर सील पंप का ताला बंद रहा। जिसे एसडीएम की मौजूदगी में बंद किया गया था । चाभी मौके पर न मिलने के कारण जांच टीम को एसडीएम का इंतजार करना पड़ा। बाद में पहुंचे एसडीएम प्रमोद कुमार के निर्देश पर सील पंप का ताला तोड़ा गया। बाट माप निरीक्षक अरुण कुमार शाही ने पांच लीटर के माप वाले बर्तन में पेट्रोल को मापा। मौके पर पंप की रीडिंग के हिसाब से बीस मिलीलीटर पेट्रोल कम मिला। बाट माप निरीक्षक ने बताया कि पांच लीटर की माप में बीस मिलीलीटर तेल कम या अधिक होना घटतौली की श्रेणी में नहीं आता, बशर्ते यह स्थिति हमेशा नहीं रहनी चाहिए। शिकायतकर्ता उपभोक्ता असगर अली की उपस्थिती में तीन बार तेल की माप की गई। जांच से संतुष्ट शिकायत कर्ता ने सुलहनामे पर हस्ताक्षर किया। बाट माप निरीक्षक अरुण कुमार शाही ने बताया कि जांच में माप और तेल के मानक में कोई गड़बड़ी नहीं मिली। तेल की शुद्धता भी लिटमस पेपर से परखी गई जो मानक के अनुरूप मिली। इसके बावजूद री स्टेपिंग कराने के निर्देश पंप संचालक को दिए गए। यदि री स्टेपिंग में फिर पांच लीटर में 20 मिलीलीटर पेट्रोल मिला तो घटतौली मानी जाएगी। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ग्राहकों में पेट्रोल वितरण का कार्य शुरू हो गया। इंडियन आयल कॉरपोरशन के विक्रय अधिकारी सौरभ जोशी ने बताया कि जांच-पड़ताल में डिस्प्ले बोर्ड मानक के अनुरूप नहीं पाया गया। जिसे मानक के अनुरूप के व्यवस्थित किए जाने के निर्देश दिए गए।