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सख्त हुए सीडीओ

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इस गांव में नहीं हुआ मनरेगा का कोई काम
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प्रधान, सचिव और रोजगार सेवक पर लटक रही कार्रवाई की तलवार
मनरेगा के काम में सेमरियावां, खलीलाबाद और नाथनगर ब्लॉक की प्रगति खराब
मजदूरों को लेट पेमेंट पर सांथा के बीडीओ और एपीओ को दी गई चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। जनपद में मनरेगा योजना का बुरा हाल है। नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र में एक ऐसा गांव है, जहां इस वित्तीय वर्ष में अभी तक कोई काम नहीं हुआ। उस गांव के प्रधान, सचिव और रोजगार सेवक पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। जबकि मनरेगा के काम में सेमरियांवा, खलीलाबाद और नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र की प्रगति बेहद खराब है। सीडीओ ने सख्त लहजे में बीडीओ, एपीओ और रोजगार सेवक को निर्देश दिए हैं कि प्रगति सुधारें और 30 सितंबर तक महीने का लक्ष्य पूरा करें, वरना उनका वेतन व मानदेय बाधित करते हुए प्रतिकूल प्रवृष्टि दी जाएगी। जबकि जॉबकार्ड धारकों को लेट पेमेंट पर सांथा के बीडीओ और एपीओ को चेतावनी जारी की गई है।
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वित्तीय वर्ष 2019-20 में 48 लाख 41 हजार 830 मानव दिवस सृजित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित है। इसमें अब तक 29 लाख 63 हजार 689 मानव दिवस सृजित किए गए हैं। जबकि सितंबर में ब्लॉकवार मानव दिवस सृजित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। आलम यह है कि अभी तक सबसे खराब प्रगति खलीलाबाद, सेमरियावां और नाथनगर की है। अब तक खलीलाबाद में 31 हजार मानव दिवस के सापेक्ष अब तक 21 हजार, सेमरियावां में 31 हजार के सापेक्ष 20 हजार और नाथनगर में 45 हजार के सापेक्ष 32 हजार मानव दिवस सृजित किए गए हैं। सीडीओ बब्बन उपाध्याय ने बताया कि 30 सितंबर तक संबंधित बीडीओ, एपीओ को चेतावनी जारी की गई कि लक्ष्य पूरा कर लें, वरना उनका वेतन रोकते हुए प्रतिकूल प्रवृष्टि दी जाएगी। जो कर्मचारी संविदा पर यदि मानक के अनुसार काम नहीं करेंगे तो उनकी संविदा सेवा समाप्त करने की कार्रवाई प्रस्तावित कर दी जाएगी। सीडीओ ने बताया कि जनपद के नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र का सकरैइचा एक गांव है, जहां इस वित्तीय वर्ष में अब तक मनरेगा के तहत कोई काम नहीं हुआ है। जबकि यहां 306 जॉबकार्ड धारक है। यहां के सचिव और रोजगार सेवक को चेतावनी दी गई है कि काम शुरू कराएं अन्यथा प्रधान, सचिव और रोजगार सेवक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रोजगार सेवक को मानदेय का भुगतान नहीं होगा। गाइडलाइन है कि मजदूरों का भुगतान 15 दिन के भीतर किया जाए। यदि निर्धारित अवधि के बाद भुगतान होगा तो लेट पेमेंट माना जाएगा। उसके लिए बीडीओ, एपीओ और रोजगार सेवक जिम्मेदार होंगे। सांथा ब्लॉक में 15 प्रतिशत भुगतान लेट पेमेंट हुआ है। इसके लिए बीडीओ, एपीओ को चेतावनी जारी की गई है।
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