संतकबीरनगर/मेंहदावल। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चों को अब दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवाने के लिए सीएमओ कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जिलाधिकारी के निर्देश पर खलीलाबाद को छोड़कर अन्य आठ विकासखंडों के ब्लॉक संसाधन केंद्र (बीआरसी) में मेडिकल एसेसमेंट शिविर लगाए जा रहे हैं।
इन शिविरों में 1923 दिव्यांग बच्चों का दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यह आगामी पांच सितंबर तक चलेगा। जिले में समेकित शिक्षा योजना के तहत 1923 दिव्यांग छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। जिला समन्वयक समेकित शिक्षा रजनीश वैद्यनाथ ने बताया कि खलीलाबाद में 30 जुलाई को ही कैंप लगा था। कैंप में श्रवण समस्या संबंधित चिकित्सक के नहीं आने से श्रवण बाधित वाले बच्चों का चिकित्सकीय परीक्षण नहीं हो सका।
शेष अन्य बच्चों का परीक्षण हो चुका है। उन्होंने बताया कि प्रमाणपत्र बनने के बाद पात्र बच्चों को शासन की विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। संवाद