मेंहदावल तहसील क्षेत्र में ग्राम न्यायालय की स्थापना के विरोध में सोमवार को दीवानी न्यायालय के अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया।
इस दौरान अधिवक्ताओं ने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए जिला जज कार्यालय तक गए। इस दौरान जिला जज से मुलाकात कर अपनी बातों को रखा।
जनपद बार एसोसिएशन एवं संतकबीर बार एसोसिएशन की आवश्यक बैठक सोमवार को हुई। बैठक के बाद दोनों अधिवक्ता संगठनों के कार्यकारिणी ने प्रस्ताव पास कर ग्राम न्यायालय के विरोध का निर्णय लिया। अधिवक्ताओं ने संयुक्त रूप से परिसर में एकत्रित होकर सरकार विरोधी नारेबाजी की।
अधीनस्थ न्यायालय परिसर से अधिवक्ताओं का हुजूम सड़क पर प्रदर्शन करते हुए जिला जज परिसर पहुंचा। अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल जिला जज से मिलकर न्यायिक कार्य के बहिष्कार की जानकारी दी।
जनपद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शशि कुमार ओझा ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा ग्राम न्यायालय की स्थापना का निर्णय जनहित में नहीं है। इससे वादकारियों के ऊपर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा। इतना ही नहीं अधिवक्ताओं को वादकारियों की पैरवी के लिए ग्रामीण क्षेत्र में जाना पड़ेगा।
यह निर्णय वादकारी और अधिवक्ताओं के हित में नहीं है। संतकबीर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महीप बहादुर पाल ने कहा कि संतकबीरनगर जनपद छोटा जनपद है। छोटे जनपद में ग्राम न्यायालय की स्थापना का कोई औचित्य नहीं है। सरकार द्वारा इस जनपद में ग्राम न्यायालय की स्थापना के लिए जारी की गई सूचना तत्काल वापस लिया जाए।
जनपद बार के महामंत्री ओम प्रकाश त्रिपाठी तथा संतकबीर बार के महामंत्री विजय कुमार शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार अधिवक्ताओ के विरुद्ध कार्य कर रही है।
अधिवक्ताओं के कार्य बहिष्कार के चलते मुकदमे की पैरवी के लिए आए वादकारी परेशान रहे। इस अवसर पर विश्वंभर दयाल, सुनील पांडेय, देवेंद्र लाल श्रीवास्तव, सत्य प्रकाश शुक्ल, अनिल कुमार यादव, चतुरजी शुक्ल, दिनेश राय, आनंद राय, राममिलन चौघरी, रामधनी, रामकेवल समेत अन्य मौजूद रहे।