नोट बंदी के 33वें दिन भी जिले में हालात सामान्य नहीं हुए। मांग के अनुसार कैश न मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों के एटीएम बंद हैं ही, रविवार को खलीलाबाद में एक एटीएम से ही नकदी निकलती मिली। इस कारण यहां हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बाद भी रकम के लिए लोग लंबी कतार देखी गई।
शनिवार से सोमवार तक बैंकों की बंदी है। हालांकि सोमवार को बंदी वाली स्टेट बैंक कृषि शाखा खुली रही जहां लोगों ने लेनदेन किया। बैंक में खातेदारों की भीड़ लगी रही। जिन उपभोक्ताओं का खाता इस बैंक में था, उन्हें तो रकम मिल गई, लेकिन अन्य बैंक बंद रहे। जिससे अन्य बैंकों के उपभोक्ता भटकते नजर आए। लोग सुबह से ही खलीलाबाद शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के एटीएम पहुंचने शुरू हो गए थे, लेकिर शहर से लेकर गांव तक एटीएम के ताले नहीं खुले।
खलीलाबाद में स्टेट बैंक की मुख्य शाखा, स्टेट बैंक कृषि शाखा, स्टेट बैंक के विकास भवन शाखा, बैैंक आफ इंडिया, यूको बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई, ओरियंटल बैंक आफ कामर्स, यूनियन बैंक, बैक आफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक सहित अन्य बैैैंकों के एटीएम का ताला नहीं खुला। लोगों को दिनभर भटकने के बाद निराश होकर लौटना पड़ा।
थोड़ी राहत नेदुला चौराहा स्थित एक्सिस बैंक का एटीएम से मिली जो चालू रहा। यहां पर लोगों की लंबी कतार लगी रही। अभी सोमवार को भी बैंक बंद हैं, ऐसे में दिक्कत और बढ़ सकती है। लीड बैंक के मैनेजर केजी तिवारी ने कहा कि बैंकों में छुट्टी होने की वजह से एटीएम में पैसा नहीं डाला जा सका। मंगलवार को बैंक व एटीएम फिर से खुल जाएंगे। इससे लोगों को राहत मिलेेगी।
धनघटा प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र में शनिवार की तरह रविवार को कोई भी एटीएम खुला नहीं मिला। यही स्थिति महुली ही नहीं नाथनगर ब्लाक मुख्यालय पर भी रही। महुली कस्बे के भोले नाथ गौड़, रणविजय यादव ने बताया कि इस नोट बंदी के आलम में तीन दिन बैंक बंद रहने की जानकारी होने के बाद भी बैंकों द्वारा एटीएम में पैसा न डालने क्षेत्रीय जनता के साथ अन्याय करना है। बैंक की लापरवाही के कारण स्थित यह है कि नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र के कसबा महुली, नाथनगर और सिक्टहा को मिलाकर पांच एटीएम हैं, लेकिन किसी भी एटीएम से पैसा नहीं निकल रहा है।