द्वाबा महोत्सव में संगीत प्रस्तुत करते गोलू राजा और ज्योति माही-संवाद
धनघटा। द्वाबा महोत्सव में कलाकारों ने लोक लुभावन गीतों से श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। शुक्रवार की रात गोलू राजा व ज्योति माही के गीतों ने समा बांधा तो शनिवार की शाम आल्हा सम्राट फौजदार सिंह के लोकगीतों ने वाहवाही लूटी।
मंच से स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों को श्रोताओं ने खूब सराहा। महोत्सव में खेलो का भी जलवा दिखा। शनिवार की शाम बालीबाल प्रतियोगिता के सेमीफाइनल मैच देखने के लिए सैकड़ो खेल प्रेमी मौजूद थे। महोत्सव में कलाकारों के प्रदर्शन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
द्वाबा महोत्सव के पहले दिन शुक्रवार की देर रात गोलू राजा व ज्योति माही के गीतों को सुनने के लिए पंडाल श्रोताओं से भर गया। ...आवा न ओढ़ा देइ अंचरवा बलम जी...जैसे गीतों ने पंडाल में ऐसा समा बांधा कि श्रोता कुर्सियां छोड़कर थिरकने लगे। पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। महोत्सव के दूसरे दिन दोपहर बाद स्थानीय कलाकारों व स्कूली बच्चों ने मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। स्वामी विवेकानंद इंटर कालेज धनघटा के म्यूजिक डायरेक्टर राम पाल पटेल ने मां भवानी के गीतों से लोगो का मन मोहा। विद्यालय के बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमो से खूब वाहवाही बटोरी। स्थानीय गायकों द्वारा प्रस्तुत गीतों का श्रोतागण आनंद लेते रहे।
द्वाबा महोत्सव में संगीत प्रस्तुत करते गोलू राजा और ज्योति माही-संवाद
द्वाबा महोत्सव में संगीत प्रस्तुत करते गोलू राजा और ज्योति माही-संवाद