संतकबीरनगर। परिवहन निगम की रोडवेज बस का किराया बढ़ने से यात्रियों की जेब ढीली हो रही है। इसके लेकर यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। लोकसभा चुनाव के बाद पहले टोल टैक्स और फिर किराया बढ़ने के वजह से लोगों में नाराजगी है।
लोकसभा चुनाव के बाद तेल, किराया और अन्य सामनों के कीमतों में बढ़ोतरी का लोग पहले से ही आकलन कर रहे थे। तमाम मार्गों पर टोल टैक्स बढ़ने के ठीक बाद ही तत्काल परिवहन निगम की बसों का भी किराया बढ़ा दिया गया है। इसकी वजह से गोरखपुर लखनऊ समेत अन्य स्थानों पर जाने वाले मुसाफिरों को मंहगाई का दंश झेलना पड़ रहा है। वहीं जानकारों की मानें तो विभाग की तरफ कोई किराया नहीं बढ़ाया गया है। टोल टैक्स बढ़ने के बाद एक बारगी किराया प्रभावित होता है। अभी तक विभाग की तरफ से किराया बढ़ाने के संबंध में कोई आदेश नहीं आया है।
सरकारी बसों में सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है। इसके बाद भी किराया लगातार बढ़ाया जा रहा है। इससे काफी समस्या पैदा हो रही है। कहीं आने-जाने में समस्या होने के साथ ही अतिरिक्त रुपये भी खर्च हो रहा है।
राजकुमारी ओझा, यात्री
रोडवेज बस का किराया बढ़ने के बाद प्राइवेट वाहन चालक भी अपना किराया बढ़ा देंगे। सरकारी बसों से यात्रा करना काफी आसान माना जाता था। दिन प्रतिदिन किराया लगातार बढ़ने से अब यात्रा करने में काफी कठिनाई महसूस हो रही है।
प्रज्ञान मिश्र, यात्री
टोल टैक्स बढ़ने से रोडवेज बसों का किराया कुछ स्थानों पर प्रभावित हुआ है। विभाग की तरफ से अभी तक कोई किराया बढ़ाने का आदेश नही है।
अनिल विश्वकर्मा, जोनल मैनेजर, परिवहन निगम