एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहीत की जाने वाली भूमि में काश्तकारों के अंश का होगा निर्धारण, फिर शुरू होगी मुआवजे की प्रक्रिया
जिले के 29 गांवों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे
मेंहदावल। गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे के काम में अब तेजी दिखने लगी है। इसके लिए तहसील क्षेत्र के 29 गांवों में गाटों के सत्यापन का कार्य पूरा कर लिया गया है। अब इसके बाद काश्तकारों की भूमि का निर्धारण होगा, फिर मुआवजे की प्रक्रिया शुरू होगी।
एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहीत की जाने वाली भूमि में काश्तकारों के अंश निर्धारण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी। इसके लिए एक टीम सर्वे शुरू करेगी। मेंहदावल तहसील के गांवों के गाटों के सत्यापन की रिपोर्ट भेज दी गई है, जिससे एक्सप्रेसवे के कार्य में अब तेजी आएगी। दो माह में शेष कार्य पूरे हो जाएंगे। उम्मीद है कि जुलाई से काश्तकारों को मुआवजा मिलना शुरू हो जाएगा। हालांकि आशंका यह भी है कि अंश निर्धारण सर्वे से पहले बरसात शुरू हो गई तो बाढ़-बारिश का पानी खेतों में रहेगा, वहीं कहीं फसल लग जाएगी। ऐसी स्थिति में सर्वे प्रभावित हो सकता है। एनएचएआई के पास विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी के माध्यम से गाटों का प्रारूप भेजा गया था। इसके बाद राजस्व विभाग द्वारा तहसील के 29 गांवों में गाटे के सत्यापन का सर्वे कार्य पूरा किया गया।
पानीपत एक्सप्रेसवे की लंबाई जिले में 22.5 किमी होगी। सत्यापन रिपोर्ट भेजने के बाद अब एक्सप्रेसवे के काम में तेजी आएगी। राजस्व विभाग से जांच के बाद आगे की रिपोर्ट विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी को भेजी जाएगी। इसमें रकबा से संबंधित विवरण दर्ज होगा। मेंहदावल एसडीएम अरुण कुमार ने बताया कि मेंहदावल के 29 गांवों के गाटे का सत्यापन कार्य पूरा कर लिया गया है। सत्यापन रिपोर्ट भी भेज दी गई है।
कोट,
एक्सप्रेसवे से संबंधित मेंहदावल की सर्वे रिपोर्ट मिल गई है। बाकी बचे सर्वे पूर्ण होने के बाद आगे के काम शुरू हो जाएंगे।
-ललित पाल, पीडी, एनएचएआई
मेंहदावल क्षेत्र के इन गांवों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे
गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे मेंहदावल तहसील क्षेत्र के 29 गांवों से होकर गुजरेगा। इसमें मेंहदावल के बढ़या, फेउसा, परसा माफी, परसा शुक्ल, महला, पसाई, देवकली, प्रतापपुर, जसवल, रमवापुर, खजुरा खुर्द, नचनी, समोगर, गुदरिहवा, खजुराकला, सिक्टौर माफी, कुंड़वा, जमुवरिया खुर्द, जमुवरिया कला, रक्सा, भरवलिया मिश्र, कुसोना कला, जमोहरा, मुड़ली, डुमरिया बाबू, इंदरपुर, कौवाठोर, पिड़ारी कला और चितरुखिया शामिल हैं। यह एक्सप्रेसवे मेंहदावल से होते हुए सिद्धार्थनगर जिले के बांसी क्षेत्र की ओर जाएगा। बांसी क्षेत्र के 37 गांवों में एक्सप्रेसवे की लंबाई 16.69 किलोमीटर होगी। सिद्धार्थनगर के आगे बलरामपुर, बहराइच और लखीमपुर खीरी होकर आगे बढ़ेगा।