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Sant Kabir Nagar News: गांव-गांव पंचायत चुनाव की सरगर्मी बढ़ीं, निगाहें आरक्षण पर टिकीं

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सेमरियावां के करही में चुनाव पर चर्चा करते ग्रामीण-संवाद
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- संभावित प्रत्याशी जोर-शोर से करने लगे जनसंपर्क, आरक्षण सूची का इंतजार
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मसरूर अहमद खान
सेमरियावां। पंचायत चुनाव को लेकर सेमरियावां ब्लाॅक के गांव-गांव में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ती जा रही है। भले ही अभी तक पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई हो। इसके बावजूद गांवों में चुनावी माहौल दिखाई देने लगा है। संभावित प्रत्याशी अपने-अपने स्तर से सक्रिय हो चुके हैं, और जनता के बीच पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुट गए हैं।
गांव में किसी के निधन होने पर संभावित प्रत्याशी उसके दरवाजे पर काफी समय दे रहे हैं। चौपाल से लेकर चाय की दुकानों तक, हर जगह पंचायत चुनाव की चर्चा हो रही है। हालांकि आरक्षण सूची का अभी इंतजार है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सेमरियावां ब्लाॅक में 113 ग्राम पंचायतों में चुनाव होना है। ग्राम प्रधान के 113, क्षेत्र पंचायत सदस्य के 121, ग्राम पंचायत सदस्य के 1379 और जिला पंचायत सदस्य के पांच पदों के लिए चुनाव की संभावना है।
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पंचायत चुनाव में आरक्षण की भूमिका बेहद अहम होती है। किस सीट पर सामान्य, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग या महिला आरक्षण होगा, इसी के आधार पर प्रत्याशियों की स्थिति तय होती है। यही कारण है कि अधिकांश इच्छुक उम्मीदवार इस समय आरक्षण सूची का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। आरक्षण जारी न होने के कारण कई प्रत्याशी खुलकर मैदान में आने से बच रहे हैं, लेकिन अंदर खाने तैयारियां तेज हो चुकी हैं। गांवों में यह चर्चा आम है कि अगर सीट हमारी जाति या वर्ग में आई, तो वही उम्मीदवार होगा।



इसी उम्मीद में लोग अपने समर्थकों को जोड़ने, पुराने संबंधों को मजबूत करने और नए समीकरण बनाने में जुटे हुए हैं। करही, बाघनगर, सालेहपुर, दानोकुइयां, दुधारा, चिउटना, उसराशहीद, सेमरियावां, दरियाबाद, कोहरियावां, मूड़डीहाबेग, देवरिया नासिर, रक्सा कला, पैड़ी, महुआरी, पुरवा आदि गांवों के चौराहे व चाय की दुकानों पर चर्चा कर चुनाव समीकरण बनते बिगड़ता देखा जा सकता है।
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ठंड में भी चुनाव की गर्मी



इस समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है, लेकिन पंचायत चुनाव की चर्चाओं ने माहौल में गर्माहट पैदा कर दी है। कई गांवों में शाम होते ही चौपालों पर अलाव जलने लगे हैं। इनके आसपास बैठकर लोग राजनीति पर चर्चा कर रहे हैं। कौन प्रत्याशी मजबूत है, किसके पास ज्यादा समर्थन है, और कौन बाजी मार सकता है। कुछ संभावित प्रत्याशियों ने समर्थकों के लिए चाय-पानी की व्यवस्था शुरू कर दी है। इस बार पंचायत चुनाव में युवाओं और महिलाओं की भूमिका को लेकर भी चर्चा तेज है। कई गांवों में युवा वर्ग खुलकर अपने मुद्दे रख रहा है रोजगार, खेल मैदान, इंटरनेट सुविधा, शिक्षा आदि विषय बातचीत में शामिल हैं।
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