सांथा। विकास खंड में पंचायत भवनों के संचालन में लापरवाही देखी जा रही है। कई पंचायत भवनों पर अक्सर ताला लटका रहता है। जिससे यहां पर खुली बैठक नहीं हो पाती है। प्रमाण पत्र निर्गत नहीं हो पाते हैं। लोगों को ब्लॉक तक की दौड़ लगानी पड़ती है। शासन के निर्देश के बावजूद पंचायत भवन नहीं खुल रहे हैं। जबकि सभी पंचायत भवनों पर पंचायत सहायक नियुक्त हैं।
सांथा विकास खंड के धोबहा में पंचायत भवन का निर्माण कराया गया है। जिस स्थान पर पंचायत भवन का निर्माण कराया गया है, वहां पर आने-जाने के लिए रास्ता तक नहीं है। ग्रामीण परवेज आलम, सुभान आदि ने बताया कि ग्रामीणों को आय, जाति निवास, खसरा खतौनी, पेंशन आदि की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पंचायत भवन का निर्माण कराया गया था। लेकिन पंचायत भवन अक्सर बंद रहता है। जिससे ग्रामीणों को किसी प्रकार की सुविधा यहां से नहीं मिल पाती है। इसी प्रकार निघुरी गांव में भी पंचायत भवन का निर्माण कराया गया है। एक-दो बार यहां पर बैठक हुई है। ज्यादातर समय यह पंचायत भवन बंद रहता है। इससे इस पंचायत भवन से भी किसी प्रकार के कोई प्रमाण पत्र निर्गत नहीं हो पाते हैं। गनवरिया व करनजोत गांव में स्थित पंचायत भवन हमेशा बंद रहते हैं। यहां भी कभी-कभार ही पंचायत सहायक के दर्शन होते हैं। ग्रामीण प्रभाकर, दीनदयाल, परवेज मोहम्मद आदि लोगों ने बताया कि शासन की यह योजना बेहतर थी। पंचायत भवन अगर संचालित होता तो लोगों को ब्लॉक तक की दौड़ नहीं लगानी पड़ती। पंचायत भवन से ही सभी प्रकार के प्रमाण पत्र निर्गत होते। खुली बैठक में योजनाओं की जानकारी होती। लेकिन पंचायत भवन का संचालन बेहतर तरीके से नहीं होने के कारण लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
किसी पंचायत भवन पर यदि ताला लगा है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। पंचायत भवन पर ताला लगाना नियम विरुद्ध है।
मैनुद्दीन सिद्दीकी, एडीओ पंचायत