मगहर। महात्मा कबीर की निर्वाण स्थली मगहर में बुधवार को मगहर महोत्सव के दूसरे दिन किसान मेला-प्रदर्शनी और कबीर दरबार का आयोजन हुआ।
इस दौरान दूर-दूर से आए साधु-संतों ने महात्मा कबीर के भजन और निर्गुण गीत प्रस्तुत कर लोगों को भाव विभोर कर दिया। डॉक्टर हरिशरण शास्त्री ने कहा कि कबीर की वाणी दूर -दूर तक प्रसारित हो, इसी मकसद से महोत्सव आयोजित होता है।
कबीर दरबार के माध्यम से सदगुरु कबीर के दोहे से निर्गुण पाठ को दूर-दूर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि जहां भेदभाव खत्म होकर सभी मार्ग अवरुद्ध होकर नए निर्गुण मार्ग की शुरुआत होती है, उसी का नाम मगहर है।
जहां अनवरत सत्संग का विचार चलता हो ,उसे काशी कहते हैं। दरबार में भजन गायिका साध्वी सेवादास ने भजन प्रस्तुत किया। हरियाणा से आई कबीर भजन गायिका साध्वी भारती दास ने भजन सुनाया। जिसके बोल थे...मैं हो गई प्रेम दीवानी...। सुनाकर लोगों को भाव विभोर कर दिया।
इस अवसर पर महंत गोपाल दास हरियाणा, महंत रामचंदर साहेब, रामहर्ष साहेब, साध्वी ज्ञान सरोवर, जगपति दास, श्यामसुंदर दास,झम्मन दास, गोपाल, वेद प्रकाश चौबे, राजेंद्र दास, लाल बाबा राम लखन दास, इंदल दास, महंत चेतन दास, संत सूर्यनाथ साहेब, संजय साहेब, रामचंद्र साहेब समेत अन्य मौजूद रहे।