संतकबीरनगर। जिला उपभोक्ता फोरम ने एक छात्रा से प्रवेश व छात्रावास शुल्क लेने के बाद भी सुविधा न देने पर विद्यालय के खिलाफ फैसला सुनाया है।
फोरम ने सरस्वती बालिका विद्यालय सूर्यकुंड गोरखपुर के प्रधानाचार्य व प्रबंधक को छात्रा से लिए गए प्रवेश और छात्रावास शुल्क 40 हजार रुपये ब्याज के साथ देने का आदेश दिया है। इसके साथ ही क्षतिपूर्ति के रूप में 50 हजार और मुकदमा खर्च 10 हजार रुपया अदा करने का आदेश दिया है।
खलीलाबाद के ट्यूबवेल काॅलोनी की रहने वाली श्रेया श्रीवास्तव ने आयोग में परिवाद दाखिल कि उसने सरस्वती बालिका विद्यालय सूर्यकुंड गोरखपुर में सत्र 2018-19 में कक्षा 11वीं में प्रवेश कराया। प्रवेश शुल्क व छात्रावास शुल्क कुल 40 हजार रुपया नौ मई 2018 को विद्यालय के खाता में जमा कराया। उसने विद्यालय के छात्रावास में रहकर अध्ययन करना चाहा, लेकिन उसे छात्रावास प्रदान नहीं किया गया। प्रतिदिन खलीलाबाद से गोरखपुर जाकर पढ़ाई संभव नहीं थी। छात्रावास की सुविधा न मिलने से मुश्किल आने लगी। काफी निवेदन करने पर भी छात्रावास में रहने नहीं दिया गया। छात्रा की ओर से जमा धनराशि विद्यालय से मांगने पर वापस भी नहीं की गई। मजबूर होकर उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया। फोरम में प्रधानाचार्य सरस्वती बालिका विद्यालय सूर्यकुंड गोरखपुर व अधीक्षिका हाजिर हुई और अपना कथन किया।
उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह व महिला सदस्य संतोष ने कहा कि शिक्षण संस्थाएं उपभोक्ता अदालत की परिधि में आती हैं। छात्रावास के लिए जो धनराशि 40 हजार जमा किया था, उसे छात्रावास की सुविधा न मिलने के कारण वहां की शिक्षा से वंचित होना पड़ा। उन्होंने विद्यालय प्रशासन को 40 हजार रुपये छात्रावास शुल्क मय वार्षिक ब्याज की दर से 60 दिन के अंदर अदा वापस करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही क्षतिपूर्ति व मुकदमा खर्च 60 हजार रुपया भी 60 दिन के अंदर देने का आदेश दिया है।