संतकबीरनगर। न्यायालय विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट दिनेश प्रताप सिंह ने तमंचा दिखाकर चार आरोपियों पर महिला से सामूहिक दुष्कर्म करने और चार आरोपियों पर जानमाल की धमकी देने का केस दर्ज करने का आदेश पुलिस को दिया। कोर्ट ने 15 दिन के भीतर कोतवाली पुलिस से आख्या मांगी है।
अधिवक्ता सुधीर कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली महिला ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया । जिसमें कहा कि शहर के एक मोहल्ले में वह किराए का कमरा लेकर रहती है। वह मेहनत मजदूरी करके अपना तथा अपने परिवार का भरण पोषण करती है। पीड़िता के पड़ोस के किराएदार और अन्य के जरिये 26 मई 2023 को अपशब्द कहते हुए उसकी लड़की को मारा-पीटा गया था। इस संबंध में आरोपियों के विरुद्ध एससीएसटी एक्ट तथा मारपीट के मामले का केस दर्ज कराया था। केस दर्ज हो जाने के बाद आरोपियों ने जान माल की धमकी देते हुए केस को वापस करने का दबाव देते थे। आरोप है कि 25 जून 23 की शाम करीब 7:00 बजे वह किराए के मकान से कुछ दूर बंद पड़ी फैक्टरी में नित्यक्रिया के लिए गई थी, वहां पर पहले से मौजूद चार आरोपियों व अन्य अज्ञात ने उसे पकड़ लिया और उसके मुंह में कपड़ा ठूस दिया। आरोप है कि तमंचा दिखाकर उसे उठाकर फैक्टरी के खंडहर में ले गए। जहां पहले उसे मारा-पीटा और अपशब्द कहते हुए आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। वह बेहोश हो गई तो छोड़कर आरोपी भाग गए। होश में आने के बाद किसी तरह अपने कमरे में पहुंची और घटना के बाबत आरोपियों के घर के लोगों, उनकी मां और बहन के साथ अन्य को जानकारी दी। उपरोक्त लोग आग बबूला हो गए और जाति सूचक शब्द का प्रयोग करते हुए कहे कि आरोपियों ने जो किया, वह सब ठीक किया। दर्ज केस वापस नहीं लोगी तो तुम्हारी लड़कियों के साथ भी यही हश्र होगा। भाग जाओ नहीं तो जान से खत्म कर देंगे। घटना की सूचना तत्काल कोतवाली पुलिस को दी लेकिन आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पंजीकृत डाक से एसपी को सूचना दी, फिर भी कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरन पीड़िता ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने सुनवाई के बाद सभी आठ आरोपियों और अज्ञात के विरुद्ध कोतवाली पुलिस को केस दर्ज करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही पंजीकरण संबंधी आख्या 15 दिन के अंदर प्रस्तुत करने को कहा है।