अफीम का आरोपी अब्दुल कलाम। स्राेत-पुलिस
धर्मसिंहवा। अवैध अफीम की खेती का दूसरा मामला धर्मसिंहवा थाना क्षेत्र के मेंहदूपार गांव में सामने आया है। आरोपी ने घर के बगल में दो क्यारी बनाकर उसमें अफीम की खेती की थी। मुखबिर की सूचना पर आरोपी को पुलिस ने बुधवार भोर में गिरफ्तार कर लिया। दुधारा थाना क्षेत्र में अफीम पकड़े जाने के बाद आरोपी ने क्यारी में लगाई अफीम को काटकर एक बोरे में रख ली थी।
एसओ अमित कुशवाहा ने बताया कि बुधवार भोर में सूचना मिली कि थाना क्षेत्र के मेंहदूपार गांव में अब्दुल कलाम अपने घर के बगल स्थित जमीन में क्यारी लगाकर अफीम की खेती की है। एसओ ने बताया कि टीम बनाकर छापेमारी की गई तो आरोपी अब्दुल कलाम ने अफीम के पौधों को क्यारी से उखाड़ कर एक बोरी में उसी जमीन में रखा था। प्रकरण की जानकारी सीओ मेंहदावल को दी गई तो उन्होंने भी मामले की जांच की। आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया।
बोरे में मिली अफीम लगभग 21 किलो है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस में प्राथमिकी दर्ज कर न्यायालय भेजा गया, जहां से भेज दिया गया।
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38 लाख बताई जा रही अफीम की कीमत
एओ अमित कुशवाहा ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी अब्दुल कलाम ने बताया कि उसका भाई राजस्थान में रहता है। जहां से उसने उसे अफीम का बीज भेजा था। मुर्गे और बकरे के व्यंजन बनाने में वह अफीम से निकलने वाले पोस्ते को प्रयोग करने के लिए लगाया था। एसओ ने यह भी बताया की आरोपी व्यक्ति का कोई पुराना आपराधिक इतिहास नहीं है। पकड़ी गई अफीम की अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कीमत लगभग 38 लाख बताई जा रही है। हरे पौधे को सुखाने के बाद उससे निकलने वाली पत्तियां, फूल व डंठल से चरस बनाई जाती है, जिसे नशे के लिए प्रयोग किया जाता है।