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प्रयास के बाद भी मात्र 20 लोगों ने लगवाया टीका

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खजुरी गांव में कोविड का टीका लगवाती सायदा खातुन।संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : KHALILABAD
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प्रयास के बाद भी मात्र 20 लोगों ने लगवाया टीका
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खजुरी गांव में घर-घर समझाने में जुटी रही टीम पर नहीं मिली अपेक्षित सफलता
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। गांवों में टीकाकरण की रफ्तार तेज करने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन अब भी कुछ गांवों में फैलीं भ्रांतियां टीकाकरण में बाधा बनी हुईं हैं। खासकर अल्पसंख्यक बाहुल्य गांव में टीकाकरण करने वाली टीमों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इसका जीता जागता उदाहरण सांथा ब्लॉक का खजुरी गांव है। यहां पर हर संभव प्रयास के बाद भी मात्र 20 लोगों को ही टीका लगाया जा सका।
सोमवार को अमर उजाला टीम ने सांथा विकास खंड के खजुरी गांव में चल रहे टीकाकरण का जायजा लिया। यहां पर स्वास्थ्य विभाग की टीम सुबह दस बजे टीकाकरण के लिए पहुंच गई। टीम में रीमा कुमार, सुनीता कुमार, आशीष कुमार आदि शामिल रहे। शेड्यूल के मुताबिक यहां 45 साल से ऊपर के 50 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य तय किया गया था, लेकिन दिनभर की मशक्कत के बाद मात्र 20 लोगों को ही टीका लगाया जा सका। कारण यह है कि गांव के लोगों ने टीका लगवाने में रुचि नहीं ली। हालांकि, यूनिसेफ के ब्लॉक प्रतिनिधि सूर्यदेव सिंह, आशा सुमन, आंगनबाड़ी इंदू व केवला ने घर-घर पहुंचकर लोगों को टीका लगवाने के लिए समझाने का प्रयास किया। इस बीच ग्राम प्रधान प्रतिनिधि भी आए, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई। वैसे गांव की कुल आबादी करीब 3000 है। साक्षरता करीब 78 फीसदी है। इसके बाद भी टीका लगाने वाली टीमों को इन्हें समझाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ कुछ युवा टीकाकरण कराने के लिए पहुंचे, लेकिन उन्हें बताया गया कि अभी 18 साल से 44 साल के लोगों को गांव में टीकाकरण कराने के लिए व्यवस्था नहीं है, ऐसे लोगों को लौटना पड़ा। यूनिसेफ के ब्लॉक प्रतिनिधि सूर्यदेव सिंह ने कहा कि यह गांव अल्पसंख्यक बाहुल्य है। काफी समझाने के बाद भी लोग टीका लगवाने से मना कर दिए।
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इस संबंध में बीसीपीएम सांथा सर्वजीत यादव ने बताया कि गांवों में कोरोनारोधी टीकाकरण के लिए अभियान चल रहा है। इसके लिए टीमें लगाई गई हैं। कुछ भ्रांतियों के कारण दिक्कत आ रही है। फिर भी प्रयास किया जा रहा है कि लोगों को समझाकर टीका लगवाया जाए।
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