हादसे में अब्दुल्लाह की मौके पर ही मौत हो गई। अताउल्लाह और सनाउल्लाह गंभीर रूप से घायल हो गए। जिनका इलाज निकट के अस्पताल में चल रहा है। वहीं बस में सवार यात्री निकल कर भागने लगे। उधर हादसे की सूचना होने पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। लोगों ने बस में तोड़फोड़ की।
सूचना पर पहुंची पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जेसीबी से बस को बाहर निकालने का प्रयास किया तो ग्रामीण भड़क गए और हंगामा शुरू कर दिए। पुलिस ने किसी तरह से मामले को शांत कराया।
विवाद के बाद चालक ने घटना को दिया अंजाम
पुलिस का कहना है कि अब्दुल्लाह के पिता इसरार अहमद भी एक निजी बस के ड्राइवर हैं। सवारी लेकर लखनऊ जाते हैं। महुली तिराहे पर सवारी बैठाने की बात को लेकर दूसरी बस के चालक से विवाद हो गया था। हाथापाई भी हुई थी। पुलिस के अनुसार जब चालक बस को महुली से सवारी लेकर लखनऊ की तरफ जा रहा था इस दौरान छितही गांव के निकट इसरार अहमद के तीनों बेटों ने बस को रोकने का प्रयास किया तो बस चालक ने उन्हें रौंद दिया। वहीं, अब्दुल्लाह के पिता इसरार अहमद ने बताया कि उनके बेटों को बस चालक को पहचानता है। जानबूझकर बेटों की बाइक को रौंदा गया है।
महुली एसओ रविंद्र सिंह ने कहा कि तहरीर के आधार पर बस मालिक गंगेश चौधरी पुत्र अज्ञात निवासी शंकरपुर (बनकटी) थाना लालगंज जिला बस्ती, बस चालक कलीम पुत्र अज्ञात निवासी रूपिन थाना धनघटा के खिलाफ दुर्घटना, लापरवाही, तीव्र गति से वाहन चलाने एवं गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है।