एएचएग्री कॉलेज दुधारा में बुधवार को माध्यमिक शिक्षक संघ द्वारा पुरानी एवं नई पेंशन योजना के अंतर को समझने के लिए विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने अपने अपने विचार व्यक्त किए। जिलाध्यक्ष संजय द्विवेदी ने कहा कि पुरानी पेंशन पाने वालों के लिए जीपीएफ सुविधा उपलब्ध है, जबकि नई पेंशन योजना में जीपीएफ का प्राविधान नहीं है। पुरानी पेंशन योजना के लिए वेतन से कोई कटौती नहीं की जाती है, जबकि नई पेंशन योजना में वेतन से प्रतिमाह 10 प्रतिशत की निर्धारित कटौती की जाती है।
उन्होंने कहाकि पुरानी पेंशन योजना में रिटायरमेंट में समय एक निश्चित पेंशन की गारंटी है जबकि नई पेंशन योजना कितनी मिलेगी यह निश्चित नहीं है। यह पूरी तरह शेयर मार्केट और बीमा कंपनी पर निर्भर करेगा। पुरानी पेंशन योजना पाने के लिए रिटायरमेंट पर ग्रेच्युटी मिलता है जबकि नई पेंशन वालों के लिए ग्रेच्युटी की व्यवस्था नहीं है। पुरानी पेंशन वालों को सेवा काल में मृत्यु पर डेथ ग्रेच्युटी मिलती है, जो सातवें पे कमीशन ने 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख कर दिया है। जबकि नई पेंशन वालों के लिए डेथ ग्रेच्युटी की सुविधा समाप्त कर दी गयी है।
उन्होंने अंतर को स्पष्ट करते हुए बताया कि पुरानी पेंशन योजना में आने वाले लोगों को सेवाकाल में मृत्यु होने पर उनके परिवार को पारिवारिक पेंशन मिलती है। जबकि नई पेंशन योजना में पारिवारिक पेंशन को समाप्त कर दिया गया है। पुरानी पेंशन पाने वालों को हर छह माह बाद महंगाई तथा वेतन आयोग का लाभ भी मिलता है। जबकि नई पेंशन में फिक्स पेंशन मिलेगी। उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन योजना के बहाली के आंदोलन को तेज किया जाएगा। गोष्ठी में प्रधानाचार्य मुनीर आलम, इस्तियाक अन्सारी, गिरजा नन्द यादव, डॉक्टर नीरज मिश्रा, नसीम अहमद खां, संत मोहन त्रिपाठी, राम कुमार सिंह, गोपाल जी सिंह, राम नारायण पांडेय समेत अन्य मौजूद रहे।