अस्पताल में मरीज का इलाज करते चिकित्सक-संवाद
संतकबीरनगर। खाने में तेल के अधिक सेवन से मोटापा बढ़ रहा है। इससे हृदय संबंधित रोग का खतरा है। विशेषज्ञों का कहना है कि फास्ट फूड और तली-भूनी सामग्री ज्यादा खाने से शरीर में तेल की मात्रा ज्यादा पहुंच रही है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 20 से 25 मरीज पहुंच रहे हैं। डॉक्टर का कहना है कि प्रतिदिन अधिकतम 30 से 35 मिली ही तेल खाना करना चाहिए लेकिन लोग 200 मिली तक तेल का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसकी वजह से बीमारियां बढ़ रही हैं।
जिला अस्पताल के डॉक्टर कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि अधिक तेल और तले-भुने खाद्य पदार्थ से मोटापा, उच्च रक्तचाप, हृदयाघात, फैटी लिवर, कोलेस्ट्रॉल बढ़ना और जोड़ों की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। अस्पताल में प्रतिदिन 1200 से 1300 तक ओपीडी हो रही है। इसमें 20 से 25 लोग ऐसी बीमारियों से पीड़ित आ रहे हैं। लंबे समय तक अधिक फैट खाने से पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है।
मांसाहार के शौकीन लोग 300 मिली तक तेल का सेवन कर लेते हैं। इससे मोटापा होने लगता है वहीं, अंगों में वसा का जमाव हो रहा है। लिवर में वसा इकट्ठा होने से लिवर फैटी हो जाता है।
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नियमित योग से करें बचाव
मोटापा को नियंत्रित करने के लिए नियमित व्यायाम और योग को दिनचर्या में शामिल करना जरूरी है। डॉक्टरों के अनुसार प्रतिदिन कम से कम 30 से 45 मिनट तेज चाल से पैदल चलें, वहीं कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भुजंगासन, पवनमुक्तासन और सूर्य नमस्कार से मोटापा घट सकता है।
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चिकित्सक की सलाह
- भोजन में वसा वाले खाद्य पदार्थ कम करें
- जंक फूड और मैदा वाली चीजें कम खाएं
- कोल्ड ड्रिंक, चाकलेट और घी का सेवन न करें