संतकबीरनगर। जिले में संभावित बाढ़ व बंधों के कटान आदि से बचाव एवं सुरक्षा के मद्देनजर शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम संदीप कुमार की अध्यक्षता में बाढ़ स्टीयरिंग कमेटी की बैठक हुई। इसमें डीएम ने जनपद में बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील नदियों राप्ती व घाघरा के आसपास के इलाकों में संभावित बाढ़ से पूर्व की गयी तैयारियों की समीक्षा की।
साथ ही बंधों, बाढ़ चौकियों, आश्रय स्थलों, बाढ़ के दौरान फैलने वाली संक्रामक बीमारियों आदि के बारे में संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक के दौरान अधिशाषी अधिकारी ड्रेनेज खंड ने संभावित बाढ़ से बचाव के मद्देनजर अब तक की तैयारियों के बारे में अवगत कराया। डीएम ने निर्माणाधीन परियोजनाओं, बंधों की मरम्मत आदि को गुणवत्ता सहित अविलंब पूर्ण कर लिए जाने के निर्देश दिए।
डीएम ने जनपद के तीनों तहसीलों के एसडीएम को अपने-अपने तहसीलों में बाढ़ से बचाव के दृष्टिगत किए जा रहे प्रबंधों एवं आवश्यक व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करते रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थानीय लोगों से किसी भी संभावित समस्या के बारे में पहले से ही जानकारी प्राप्त कर इसका निस्तारण सुनिश्चित करा लिया जाए। डीएम ने डीपीआरओ को निर्देशित किया कि शत प्रतिशत हैंडपंपों को क्रियाशील रखते हुए स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित रखी जाए।
उन्होंने बाढ़ के दौरान किसी भी संक्रामक बीमारी को फैलने से रोकने के लिए आवश्यक और जीवन रक्षक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित रखने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए। डीएम ने बाढ़ की संभावना से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों विशेष रूप से धनघटा व मेंहदावल तहसील में बाढ़ से प्रभावित हो सकने वाले ग्रामीणों एवं उनके पशुओं को बाढ़ के दौरान व्यवस्थित किए जाने के लिए राहत कैंपों की स्थापना एवं संचालन से संबंधित बिंदुओं की समीक्षा की।
राहत कैंपों की स्थापना व संचालन के विषय में डीएम ने संबंधित एसडीएम को राहत शिविरों की स्थापना एवं संचालन से संबंधित सभी विभागीय अधिकारियों के साथ समन्वयता बनाए रखने का निर्देश दिया। कहा कि बाढ़ एक आकस्मिक आपदा है, इसलिए इसके दुष्प्रभाव से बचने के लिए पहले से ही सभी बिंदुओं पर सतर्क दृष्टि बनाई रखी जाए। उन्होंने राहत शिविरों में स्वच्छ पेयजल, विद्युत आपूर्ति, चिकित्सा की व्यवस्था, क्लोरीन की गोली की उपलब्धता आदि से संबंधित बिंदुओं पर संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया। साथ ही प्रभावित पशुओं के लिए कैंप की व्यवस्था के साथ उसका उचित देखरेख, पशुओं के भूसा चारे की व्यवस्था आदि से संबंधित बिंदुओं पर जानकारी प्राप्त करते हुए मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया।
डीएम ने सीएमओ डॉ. अनिरूद्ध कुमार सिंह को निर्देशित करते हुए कहा कि बाढ़ की स्थिति में विभिन्न प्रकार की संक्रमणों आदि की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसलिए इससे बचाव के उपायों को पहले से ही सुनिश्चित कर लिया जाए तथा संक्रामक बीमारी को फैलने से रोकने के लिए आवश्यक और जीवन रक्षक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। नगर पालिका क्षेत्र में बरसात के मौसम में संभावित जल भराव से निपटने के लिए पहले से ही जल निकासी की व्यवस्था एवं नालों की साफ-सफाई दुरूस्त करने के निर्देश ईओ को दिए।
इस दौरान एडीएम अभिनव रंजन श्रीवास्तव, सीडीओ संत कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह, एसडीएम मेंहदावल योगेश्वर सिंह, धनघटा डॉ. रवींद्र कुमार, अधिशाषी अभियंता ड्रेनेज खंड-दो अजय कुमार, तहसीलदार सदर डॉ. सुनील कुमार, तहसीलदार धनघटा रत्नेश, तहसीलदार मेंहदावल निशा श्रीवास्तव, जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा, अधिशाषी अभियंता विद्युत दिव्य रंजन, अधिशाषी अभियंता जल निगम संजय कुमार आदि मौजूद रहे।