धर्मसिंहवा। ग्राम पंचायतों में तैनात मनरेगा कर्मी रोजगार सेवकों को 7 माह से मानदेय नहीं मिला है। वे आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं। वे इसके पीछे शासन स्तर पर बैठे अधिकारियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
जुलाई से मानदेय के नाम पर रोजगार सेवकों को फूटी कौड़ी भी नहीं मिली है। रोजगार सेवक संगठन ने मानदेय भुगतान के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भी दे चुके हैं। फिर भी अब तक मानदेय नहीं मिल सका है।
रोजगार सेवक संघ के अध्यक्ष प्रदीप पांडेय ने बताया कि उनसे तमाम सरकारी कार्य जैसे बीएलओ ड्यूटी, ई-केवाईसी, क्रॉप सर्वे आदि कराए जाते हैं और इसके बदले में हर महीने 7788 रुपये का अल्प मानदेय दिया जाता है। वह भी समय से नहीं मिल रहा, जिससे उनकी स्थिति बदहाल हो गई है।