धनघटा। नगर पंचायत हरिहरपुर स्थित राजघाट पुल के समीप कठिनइयां नदी के किनारे जंगल की भूमि पर कब्जा व बिना शासनादेश के नदी की धारा बदलने से नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को राजघाट पुल पर प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर अवैध कब्जा हटाने की मांग की।
हरिओम वर्मा, गंगा पटवा, प्रकाश उर्फ दीपू, रामबचन, ओंकारनाथ, कैलाश, शिव शंभू, रामचरित, संजय, रामवचन, भोला, दयाराम, उमेश, जमुना आदि ने प्रदर्शन किया। कहा कि नगर पंचायत हरिहरपुर के राजघाट पुल के पास जंगल की भूमि पर पार्क बाउंड्री, पुल, स्ट्रीट लाइट आदि को माध्यम से कब्जा किया जा रहा है। बताया कि चार दिन पूर्व डीएम के अलावा मंडलायुक्त, प्रमुख सचिव राजस्व परिषद, प्रमुख सचिव नगर विकास, राज्यपाल, मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को शिकायती पत्र दिया गया है। लेकिन, अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
राजघाट स्थित भूमि राजस्व अभिलेख में जंगल के नाम से दर्ज है। पोकलेन लगाकर लगभग 50 मीटर जमीन को पाटा जा रहा है। यही नहीं, नदी की धारा को बदला जा रहा है। इससे नगर पंचायत के लोगों व किसानों को गर्मी के दिनों में दिक्कत होगी। धारा बदलने से टिकुईकोल बाबू गांव का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है।
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि अगर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण डीएम कार्यालय का घेराव करेंगे। इस संबंध में नगर पंचायत हरिहरपुर के ईओ अवनीश यादव ने बताया कि इस जमीन से नगर पंचायत का कुछ लेना-देना नहीं है। उसे पर्यटन विभाग ने अधिग्रहित किया है। वही कार्यदायी संस्था भी है।
सीमावर्ती गांव बंदरभोज क्षेत्र में नेपाल के रास्ते पर जाते बाइक सवार। संवाद- फोटो : आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त करतीं छात्राएं।
सीमावर्ती गांव बंदरभोज क्षेत्र में नेपाल के रास्ते पर जाते बाइक सवार। संवाद- फोटो : आत्मरक्षा का प्रशिक्षण प्राप्त करतीं छात्राएं।