-खलीलाबाद-बलरामपुर-बहराइच रेल मार्ग में जमीन अधिग्रहण का मामला
-रेल प्रशासन 20 ई का करेगा प्रकाशन
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। खलीलाबाद-बलरामपुर-बहराइच रेल मार्ग में जमीन के अधिग्रहण के लिए मांगी गई आपत्तियों का निस्तारण मंगलवार को एडीएम की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने किया। इस दौरान कुल 10 आपत्तियों का निस्तारण हुआ। इसके बाद रेल प्रशासन 20 ई का प्रकाशन करेगा। साथ ही मुआवजा बांटने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इससे रेल लाइन बिछाने का कार्य शुरू होने की उम्मीद जग गई है।
खलीलाबाद-बलरामपुर-बहराइच रेल मार्ग के लिए प्रशासन ने 29 गांवों में भूमि अधिग्रहण के लिए आपत्ति मांगी थी। इस मामले में कुल 10 लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। मंगलवार को एडीएम जय प्रकाश की अध्यक्षता में कमेटी की बैठक हुई, जिसमें आपत्तियों का निस्तारण किया गया। इसके बाद रेल प्रशासन 20 ई का प्रकाशन करेगा। फिर किसानों में मुआवजा बांटने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
वर्ष 2017 में तत्कालीन रेल मंत्री पियूष गोयल ने खलीलाबाद-बलरामपुर-बहराइच रेल लाइन की घोषणा की थी, तब लोगों को उम्मीद थी कि जल्द ही कार्य शुरू हो जाएगा और यह क्षेत्र भी रेल लाइन से जुड़ जाएगा, लेकिन कार्य शुरू न होने से लोगों की उम्मीदें टूटने लगी। कारण यह कि भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई पूर्ण नहीं हो सकी है। अब भूमि अधिग्रहण का रास्ता साफ हो गया है तो उम्मीद बढ़ गई कि जल्द ही रेल लाइन बिछाने का कार्य शुरू होगा। प्रथम चरण में खलीलाबाद से बांसी तक 54 किलोमीटर दूरी तक कार्य कराया जाना है।
भूमि अधिग्रहण के लिए 10 आपत्तियां मिली थीं, जिसका आपत्तिकर्ता किसानों की मौजूदगी में निस्तारण कर दिया गया है। अब रेल प्रशासन 20 ई का प्रकाशन करेगा। इसके बाद किसानों में मुआवजा बांटा जाएगा।
- जय प्रकाश, एडीएम