मनरेगा घोटाले की जांच कर रही चार सदस्यीय सीबीआई टीम एक बार फिर 29 नवंबर को जिले में जांच के लिए पहुंचेगी। टीम छह दिन तक यहां रहकर घोटाले से जुड़े तथ्यों की जांच पड़ताल कर रिकार्ड जुटाएगी। प्रधानी के चुनाव के बीच टीम के आने की खबर से घोटालेबाज परेशान हो उठे हैं।
दरअसल, सीबीआई टीम सबसे पहले सांथा ब्लॉक में मनरेगा के अंतर्गत हुए कार्यों की जांच कर रही है। टीम पूर्व में भी छह से अधिक बार जिले में आकर मनरेगा के कार्यों की स्थलीय जांच कर चुकी है।
इसी क्रम में कई पूर्व बीडीओ, ब्लॉक कर्मचारियों के अलावा पीडब्ल्यूडी और आरईडी के सात अभियंताओं, पूर्व ब्लॉक प्रमुख आशा त्रिपाठी, उनके पति अनिल त्रिपाठी और कुछ फर्मों के प्रोपराइटरों से भी पूछताछ की जा चुकी है। इसमें एक पूर्व विधायक के पिता और एक पूर्व विधान सभा प्रत्याशी के बेटे की फर्म भी है।
जॉब कार्डों का सत्यापन किया जा चुका है। इसमेें काफी संख्या में जॉबकार्ड धारक छद्म नाम से मिले थे। कुछ ऐसे मजदूर थे जो रोजगार के सिलसिले में बाहर रहते हैं और बिना काम किए ही उनके जॉबकार्ड पर काम दिखा कर भुगतान लिया गया।
सूत्रों की माने तो सीबीआई टीम जांच के अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। 29 नवंबर को जिले में चार सदस्यीय टीम फिर पहुंचेगी और चार दिसंबर तक तक रहेगी। इस बीच बैंकों से हुए लेन-देन का ब्यौरा जुटाएगी। साथ ही कुछ अन्य लोगों से भी पूछताछ करने की संभावना जताई जा रही है।