किसान सेवा सहकारी समिति बिगरामीर- संवाद
सेमरियावां। किसानों को खाद उपलब्ध कराने की राह कठिन हो गई है। सोसायटी से उर्वरक प्राप्ति के नियम शासन ने बदल दिए हैं। अब उन्हीं किसानों को सहकारी समिति से खाद मिल सकेगी जो समिति के सदस्य होने के साथ फार्मर रजिस्ट्री की शर्त पूरी कर चुके हैं। जो सहकारी समिति के सदस्य नहीं हैं उन्हें अब बिना किसान पंजीकरण या फार्मर रजिस्ट्रेशन के खाद और बीज उपलब्ध नहीं हो सकेगा। इस आदेश के बाद किसान समितियों के साथ ही जनसेवा केंद्रों का चक्कर लगा रहे हैं।
आगामी रबी मौसम में आलू, सरसों, गेहूं, मक्का, दलहनी व तिलहनी इत्यादि फसलों की बुआई प्रारंभ की जाएगी। ऐसी स्थिति में यह आवश्यक होगा की उर्वरकों का प्रयोग संतुलित मात्रा में हो और इस बात का भी ध्यान रखा जाए की असामाजिक तत्वों द्वारा अधिक मात्रा में उर्वरक की कालाबाजारी व जमाखोरी न हो सके। एक किसान को प्रति हेक्टेयर के हिसाब से पांच बोरी डीएपी और सात बोरी यूरिया वितरित की जाएगी। समिति स्तर पर समिति के सदस्यों को ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। जो किसान समिति के सदस्य नहीं हैं उन्हें किसान आईडी या फार्मर रजिस्ट्री प्रपत्र होने पर ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। सेमरियावां क्षेत्र में बाघनगर, बिगरामीर, परसाशेख, सालेहपुर आदि समितियां मौजूद है। किसी भी समिति पर डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है। बिगरामीर सहकारी समिति सचिव अरविंद यादव ने बताया कि समिति में सदस्य तेजी से बनाया जा रहा है। अब तक 126 नए सदस्य बनाए जा चुके हैं। लगभग 400 पहले से सदस्य बने हुए हैं। जो किसान सदस्य बनना चाहते है, वह आधार, खतौनी व फोटो जमाकर सदस्य बन सकते हैं।