महुली। मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से नियुक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों और समस्त बीएलओ व सुपरवाइजरों को नो मैपिंग मतदाताओं को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।
तहसील धनघटा के सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी डाॅक्टर सुनील कुमार ने बताया कि नो मैपिंग के मतदाता के संबंध में प्रत्येक बीएलओ को नो मैपिंग के मतदाताओं को एईआरओ की ओर से बूथवार नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सभी बीएलओ एईआरओ के जरिये निर्गत किए गए नोटिस प्राप्त करने से पहले नो मैपिंग के सभी मतदाताओं के साथ एक बैठक कर लें। नो मैपिंग के मतदाताओं को स्पष्ट अवगत करा दें कि वह (मतदाता) अपना तथा अपने माता और पिता का जन्म प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण पत्र, हाईस्कूल की अंकतालिका, परिवार रजिस्टर की नकल आदि तैयार करा लें। ताकि नोटिस मिलते ही मतदाता उक्त अभिलेख में से कम से कम एक अभिलेख नोटिस में निर्गत शर्त के अनुसार उपलब्ध करा सकें।
उन्होंने बताया कि सभी बीएलओ नोटिस अपने-अपने एईआरओ से प्राप्त कर लें। उसे मतदाता के पास लेकर जाएं। नोटिस को मतदाता अथवा उसके परिवारजन को प्राप्त कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि बीएलओ एप से फोटो क्लिक करें। बीएलओ एप के माध्यम से ही अपलोड करें। उसके पश्चात नोटिस के अंतिम पेज के अंत में लिखी पावती पर मतदाता अथवा मतदाता के परिवारीजन के हस्ताक्षर करा लें। पावती को भी अपलोड कर दें।
पत्र में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि 01 जुलाई 1987 से पहले के मतदाता अपना 13 अभिलेखों में से कोई एक अभिलेख देंगे। 01 जुलाई 1987 से 02 दिसंबर 2004 तक के मतदाता अपना और अपने माता या पिता का 13 अभिलेखों में से कोई एक अभिलेख देंगे। 02 दिसंबर 2004 के बाद के मतदाता अपना और अपने माता और पिता दोनों के 13 अभिलेखों में से एक अभिलेख को देना होगा। सहायक निर्वाचक अधिकारी ने यह भी बताया कि यदि कोई मतदाता बीएलओ को अभिलेख नहीं उपलब्ध करा पाते हैं तो वह तो एईआरओ के समक्ष अभिलेख लेकर प्रस्तुत होंगे। सुनवाई के समक्ष मतदाता को स्वयं उपस्थित होना पड़ेगा।