परिषदीय विद्यालयों के आठ सौ हेडमास्टरों को नोटिस
- विद्यालयों पर दिव्यांग मल्टीपल हैंडवाश के निर्माण में मानकों की किए हैं अनदेखी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। परिषदीय विद्यालयों में बने दिव्यांग मल्टीपल हैंडवाश के निर्माण में मानकों की अनदेखी हुई है। बच्चों के पानी पीने की टोटी काफी ऊपर लगा दी गई है। जहां तक बच्चों के हाथ पहुंच पाना संभव नहीं है। बीएसए ने जिले के आठ सौ प्रधानाध्यापकों को नोटिस जारी कर तत्काल उसे सही कराने का निर्देश दिया है। ऐसा न करने पर दिव्यांगज अधिनियम एवं नि:शुल्क अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए वेतन रोक दिया जाएगा।
बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प के तहत संज्ञान में आया है कि जिले के 90 प्रतिशत विद्यालयों में मल्टीपल हैंडवाश का कार्य पूर्ण कर लिया गया है, परंतु जिला समन्वयक समेकित शिक्षा द्वारा संज्ञान में लाया गया है कि मल्टीपल हैंडवाश निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं बनाए गए हैं। मल्टीपल हैंडवाश दिव्यांग सुलभ में मानक के अनुसार एक टोटी जमीन से दो फीट ऊपर एवं शेष बच्चों के पहुंच के अनुसार लगाया जाना है, पर कही भी मानक के अनुसार नहीं लगाया गया है। जिससे स्कूल खुलने पर दिव्यांगों और सामान्य बच्चों को पानी पीने में समस्या उत्पन्न हो जाएगी। टोटी काफी ऊपर लगे हैं जो बच्चों की पहुंच से काफी ऊपर है। बीएसए ने बताया कि 15 जुलाई तक मल्टीपल हैंडवाशों को मानक के अनुरूप ठीक कराना सुनिश्चित करें। अगर ऐसा नहीं होता है तो संबंधित प्रधानाध्यापक के खिलाफ दिव्यांगज अधिनियम एवं नि:शुल्क अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही वेतन भी बाधित किया जाएगा।