संतकबीरनगर। जनपद में भारी भरकम धनराशि खर्च करके कई परियोजनाएं पूरी की गईं, लेकिन अभी तक इनका उद्घाटन भी नहीं हो पाया है। इसके चलते इन परियोजनाओं का लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है। आमी नदी पर बना बालूशासन पुल का निर्माण पूरा हो चुका है, तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पौली का भी भवन बनकर तैयार है, लेकिन वह स्थानांतरित नहीं हो सका है, जबकि पंडित दीनदयाल पार्क और कस्तूरबा छात्रावास की परियोजनाएं भी पूर्ण होने के बाद भी लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा।
खलीलाबाद-मेंहदावल मार्ग पर बालूशासन ने करीब पांच करोड़ खर्च कर आमी नदी पर पुल का निर्माण कराया गया है। इसकी स्वीकृति वर्ष 2022 में हुई थी। यह पुल बनकर पूरी तरह से आवागमन के लिए तैयार है, लेकिन अभी इसका उद्घाटन नहीं हुआ है। ऐसे में लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस मार्ग से होकर आने-जाने वाले लोगों को पुराने संकरे पुल से होकर आने-जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। जिसमें एक साथ दो वाहन नहीं गुजर सकते हैं। वहीं कुछ लोग नए पुल से भी होकर चलते जाते हैं। यहां पर भी कोई बैरिकेडिंग नहीं लगाई गई है। इस क्षेत्र के निवासी अनिल कुमार राय ने कहा कि नए पुल से विधिवत आवागमन शुरू हो जाए तो काफी हद तक लोगों का सफर आसान हो जाएगा।
पंडित दीनदयाल पार्क के उद्घाटन का इंतजार
लोगों के मनोरंजन के लिए शहर में बीएसए कार्यालय के पास करीब दो करोड़ रुपये खर्च कर पंडित दीनदयाल पार्क बनाया गया है। यह पार्क बनकर तैयार है, इसमें बच्चों के लिए खेल उपकरण भी बन गया है। टहलने के लिए पाथवे भी बन गया है, बैठने के लिए बेंच बनाए गए हैं, पिकनिक के साथ ही हरियाली की भी बेहतर व्यवस्था है। लेकिन अभी इसे आम लोगों के लिए नहीं खोला गया है। कारण यह है कि इस पार्क का उद्घाटन नहीं हुआ है। इससे लोगों को इस पार्क का लाभ नहीं मिल सका है। लोगों को अभी भी मनोरंजन के लिए जगह तलाशनी पड़ती है। शहर के निवासी संजय कुमार गुप्ता ने कहा कि पार्क आम लोगों के लिए खुल जाए तो लोगों को शहर में ही मनोरंजन के लिए बेहतर स्थान मिल पाएगा। इससे बच्चों व बुजुर्गों को भी सुबह-शाम पार्क में टहलने में सहूलियत मिलेगी।
जर्जर होने के कगार पर सीएचसी पौली का भवन, नहीं हो सका हस्तांतरित
लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सीएचसी पौली के लिए शिवबखरी बाजार में सीएचसी भवन का निर्माण कराया गया है। इस पर करीब 34 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इस भवन की आधारशिला वर्ष 2012 में रखी गई थी। करीब 12 साल में यह भवन बनकर तैयार हुआ है। लेकिन अभी तक इसका हस्तांतरण नहीं हुआ है। ऐसे में अभी भी सीएचसी पौली अभी तक पुराने पीएचसी के भवन में किसी तरह से संचालित हो रही है। यहां पर स्थान कम होने के कारण मरीजों व तीमारदारों के साथ स्वास्थ्य कर्मियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस क्षेत्र के निवासी चंद्रभान ने बताया कि सीएचसी शिवबखरी में भवन बनकर तैयार है। स्थिति यह है कि अब यह जर्जर हो रहा है, अस्पताल को इस भवन में शिफ्ट किया जाना है। यदि यह अस्पताल नए भवन में संचालित होने लगे तो काफी हद तक समस्या से राहत मिल सकती है।
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कस्तूरबा छात्रावास का भवन बनने के बाद भी नहीं मिला लाभ
शहर के जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद के परिसर में कस्तूरबा गांधी की छात्राओं के लिए नया भवन बनवाया गया है। इस पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च किए गए। बाहर ओपेन जिम भी बनाया गया है। यह भवन बनने के बाद भी बेकार पड़ा हुआ है। छात्राओं को शहर के विभिन्न मोहल्लों में किराए के भवन में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। यही नहीं कुछ छात्राएं अपने घर से आ रही हैं। यदि कस्तूरबा छात्रावास शुरू हो जाए तो छात्राओं को रहने के लिए बेहतर स्थान मिल जाएगा। साथ ही उनकी सुरक्षा चिंता भी दूर हो जाएगी।
कोट
जो परियोजनाएं पूर्ण हो गई है, उनपर विभागों से बात की जाएगी। जल्द ही इसे हस्तांतरित कराकर आम लोगों की समस्याओं को दूर किया जाएगा। ताकि इसका लाभ लोगों को मिल सके।
-महेंद्र सिंह तंवर, डीएम
संदीप कुमार वर्मा- फोटो : क्रिकेट मैच में शॉट खेलता खरेला का खिलाड़ी।
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