सचिव ने सचिव और सफाईकर्मी के निलंबन का निर्देश दिया
- नोडल अफसर को अधिकारियों ने गुमराह करने की कोशिश की
- परमेश्वर के घर की बजाए ले गए राजेंद्र के घर नोडल अफसर नाराज
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। मुख्यमंत्री की मंडलीय समीक्षा से एक दिन पहले अचानक जिले के दौरे पर आए नोडल अफसर को घुमाने का तो खूब प्रयास किया गया लेकिन अधिकारी अपने ही बुने जाल में फंस गए। बघौली ब्लॉक के मकदूमपुर गांव में जांच करने पहुंचे नोडल अफसर को आवास के लाभार्थी परमेश्वर की बजाए राजेंद्र के घर पहुंचा दिया गया। शिकायत और कमियों से नाराज सचिव ने ग्राम पंचायत सचिव को निलंबित करने एवं कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। वापस लौटते समय माल्हनपार चौराहे पर पॉलीथिन व कूड़ा देखकर सफाईकर्मी को भी निलंबित करने का निर्देश दिया। देर शाम कलेक्ट्रेट में अफसरों के साथ बैठक कर समीक्षा की।
आवास आयुक्त अजय सिंह चौहान को शासन ने अचानक जिले का नोडल अफसर नामित करते हुए बुधवार को जांच के लिए भेज दिया। दोपहर में नोडल अफसर के आने की सूचना मिलते ही सभी विभागों में हड़कंप मच गया। पहले बताया गया कि नोडल अफसर धनघटा क्षेत्र के गांव मकदूपुर जा रहे हैं लेकिन दोपहर बाद करीब तीन बजे स्पष्ट हुआ कि वे बघौली ब्लॉक के मकदूपुर गांव में जा रहे हैं। शाम चार बजे गांव पहुंचे नोडल अफसर ने सबसे पहले चौपाल लगाकर विकास कार्यों की जानकारी ली। बघौली प्रतिनिधि के अनुसार पेंशन के लाभार्थियों में से एक की मृत्यु के बावजूद सूची में नाम पढ़ा गया जिस पर लोगों ने आपत्ति जताई। इसके बाद अफसरों ने सूची अपडेट नहीं होने का हवाला देते हुए जल्दी सुधार की बात कही। राशन वितरण की जानकारी मांगी तो गांव के अंत्योदय कार्डधारक सीताराम ने 30 किलोग्राम राशन मिलने की बात कही। इस पर नोडल अफसर ने कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश जिलापूर्ति अधिकारी को दिया। आंगनबाड़ी की समीक्षा शुरू हुई तो पता लगा कि मुख्य सेविका ने चार महीने से इस केंद्र का निरीक्षण ही नहीं किया है। आंगनबाड़ी के जो बच्चे वहां बैठाए गए थे उसे खड़ा करके पूछा तो रजस्टिर में उसका नाम ही नहीं था। चौपाल खत्म कर नोडल अफसर गांव के निरीक्षण के लिए निकले। ग्राम पंचायत सचिव से आवास के लाभार्थी परमेश्वर के घर चलने को कहा तो वह राजेंद्र के घर लेकर पहुंच गया। इस पर नोडल अफसर ने फटकार लगाते हुए सचिव को निलंबित करने का निर्देश डीपीआरओ को दिया। इसके बाद गांव में बने अस्थाई पशु आश्रय पहुंचे तो वहां एक भी जानवर नहीं थे। इस पर सफाई दी गई कि अभी इसे जल्दी ही तैयार किया गया है। हालांकि गांव वालों का कहना था कि सुबह पांच गोवंश रखे गए थे लेकिन दोपहर में उन्हें यहां से हटा दिया गया।
वापस लौटते समय माल्हनपार चौराहे पर पॉलीथिन व कूड़ा देखकर नोडल अफसर ने गाड़ी रोकी और सफाई नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए माल्हनपार गांव के सफाईकर्मी को निलंबित करने का निर्देश दिया। शाम छह बजे जिला मुख्यालय पहुंचे डीपीआरओ ने कलेक्ट्रेट सभागार में अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान सीडीओ बब्बन उपाध्याय, एएसपी असित कुमार श्रीवास्तव, डीडीओ रविंद्रनाथ सिंह, डीपीआरओ आलोक कुमार प्रियदर्शी, बीडीओ ज्ञानेंद्र सिंह, ग्राम प्रधान अरविंद चौधरी समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
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एक टीम करेगी पूरे गांव का सत्यापन
मकदूपुर गांव में विकास कार्यों में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए नोडल अफसर ने सीडीओ को निर्देशित किया कि अफसरों की एक टीम गांव में रुककर सभी योजनाओं का भौतिक सत्यापन कर बृहस्पतिवार की दोपहर तक उन्हें रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट के आधार पर अन्य कार्रवाई होगी।