सेमरियावां। दुधारा क्षेत्र के लोगों को जिला मुख्यालय जाने के लिए परिवहन विभाग की बस की सुविधा नहीं मिल रही है। कर्मचारी हों या आम जनता, सभी को जिला मुख्यालय आवागमन के लिए डग्गामार वाहनों या बाइक का ही सहारा रहता है। परिवहन निगम की इस बेरुखी पर निजी वाहन संचालक मनमाना किराया वसूल रहे हैं।
जिला मुख्यालय से लगभग 25-30 किलोमीटर दूरी पर दुधारा स्थित है। जनपद के गठन के 28 वर्ष से भी अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक यहां के लोगों के लिए जिला मुख्यालय के लिए परिवहन निगम की बसों का संचालन किए जाने की मांग पूरी नहीं हो सकी है। लोग डग्गामार वाहन का सहारा लेते हैं। दुधारा, दरियाबाद, मदारपुर धुसुरा, कोहरियावा, लौकी लाला, सिसवा दाख़िली, बजहरा, सुजिया, सुकरौली, अगया, छाता, गंगैचा, दशावां, परसाशेख, अहिरौली, मोहम्मदगढ़ आदि गांव के लोगों को बस संचालन बंद होने से काफी दिककत का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के करही, पैड़ी, सेमरियावां, चिउटना, नव्वागांव, टेमारहमत चौराहे पर लोगों सवारी वाहन का इंतजार करते है। सबसे ज्यादा परेशानी गरीब वादाकारियों का हो रही है। जिनके पास अपना साधन नही है। जिन्हें समय से न्यायालय पहुंचना रहता है । दानोकुइयां सवारी वाहन बैठने के बाद पैड़ी चौराहे तक जाना होता है। फिर पैड़ी से सेमरियावां के लिए सवारी वाहन पर जाना होता है। सेमरियावां से टेमारहमत के लिए सवारी वाहन पर सवार होना पड़ता है। टेमारहमत से फिर जिला मुख्यालय के लिए सवारी वाहन पकड़ना पड़ता है। मौलाना उबैदुर्रहमांन, परवेज़ अहमद, अब्दुल कलाम, राम किशोर, खुर्शीद अहमद आदि ने बताया कि सार्वजनिक बसों का संचालन न होने से लोग निजी वाहन का प्रयोग करने को बाध्य हैं। जो सफर को खर्चीला बनाता है। सभी ब्लाक मुख्यालयों से जिला मुख्यालय आवागमन के लिए बसों का संचालन बहुत जरूरी है। परिवहन निगम की बसें न चलने से मजबूरन आम जनता को डग्गामार वाहन का सहारा लेना पड़ता है। टैक्सी वालों द्वारा मनमाना किराया वसूले जाने से गरीब जनता को सफर के लिए जेब ढीली करनी पड़ती है।