लोहरैया। मनिकापार-लोहरैया- मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य भले ही कागजों में पूरा हो गया है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। सड़क किनारे बनाए गए नालों पर स्लैब न होने और अधूरे निर्माण कार्य के चलते यह मार्ग अब लोगों के लिए खतरे का कारण बनता जा रहा है।
इस मार्ग पर बभनौली चौराहा, संठी चौराहा, लौहरैया चौराहा और नगहरा जैसे प्रमुख स्थानों पर नालों का निर्माण कराया गया है, लेकिन इस पर भी स्लैब नहीं डाले गए हैं। नतीजतन आए दिन राहगीर और वाहन चालक इनमें गिरकर घायल हो रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या यह है कि सड़क और नाले के बीच पटरी का निर्माण नहीं किया गया है।
कई जगहों पर सड़क और नाले के बीच एक से दो फीट तक गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जबकि निर्मित आरसीसी सड़क की ऊंचाई भी करीब एक से 1.5 फीट तक है। ऐसे में यदि कोई वाहन साइड लेने की कोशिश करता है, तो जरा सी चूक होने पर वह सीधे नाले में जा गिरता है।
इस मार्ग पर आए दिन जाम की स्थिति भी बनी रहती है। बारीडीहा गांव के पास लगभग एक किलोमीटर सड़क अधूरी छोड़ दी गई है। जहां गिट्टी डालकर काम रोक दिया गया है। इससे उठने वाली धूल से राहगीर काफी परेशान हैं।
स्थानीय निवासी सच्चिदानंद, बभनौली के राकेश, नगहरा के विनोद पांडेय, जिगिना के सर्वेश शुक्ला, मनिकापार के योगेंद्र और संठी के नागेंद्र का कहना है कि सड़क निर्माण में लापरवाही बरती गई है। कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो नालों को ढका जा रहा है, न ही पटरी बनाई जा रही है। अधूरा निर्माण कार्य भी पूरा नहीं किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जल्द से जल्द नालों पर स्लैब लगाए जाएं। सड़क किनारे पटरी का निर्माण किया जाए और अधूरे पड़े मार्ग को पूर्ण कराया जाए, ताकि आए दिन हो रही दुर्घटनाओं पर रोक लग सके और लोगों को राहत मिल सके।