संवाद न्यूज एजेंसी
महुली। मुखलिसपुर में कुआनो नदी पर सुरक्षा के कोई उपाय नहीं है। नदी के लहराते पानी को देखते हुए यहां युवाओं ने इसे पिकनिक स्पॉट बना दिया है। स्थिति यह है कि यहां रोज बड़ी संख्या में युवा नदी में स्नान करते हैं। इस कारण हादसे भी होते हैं। रविवार को बस्ती से आए एक युवक की नदी में डूबने से मौत हो गई। इसी तरह इलाके के दौलतपुर घाट पर भी युवक स्नान करते हैं और सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं।
मुखलिसपुर चौराहे से करीब 300 मीटर की दूरी पर चौधरी चरण सिंह पंप कैनाल बनाया गया है। यहां नदी का पानी रोककर नहर में गिराया जाता है। बाढ़ के दिनों में फाटक को बंद कर दिया जाता है, जिससे बाकी हिस्सों को सुरक्षित किया जा सके।
गर्मी में युवा बड़ी संख्या में यहां नहाने आते हैं। आसपास के गांवों के अलावा जिले के अन्य स्थानों और बस्ती के सीमावर्ती इलाकों से भी युवा स्नान करने आते हैं। नदी में नहाने के बाद चौराहे पर घूमते-फिरते हैं और फिर चले जाते हैं, लेकिन असुरक्षा के बीच स्नान करने का यह शौक कभी-कभी उन पर भारी पड़ जाता है। डूबते समय कुछ बचा लिए जाते हैं, लेकिन कुछ हादसे का शिकार हो जाते हैं।
यहां कोई संकेतक नहीं लगाया गया है और न ही किसी प्रकार की कोई सुरक्षा है। प्रशासन की ओर से कोई रोक-टोक भी नहीं है। कुल मिलाकर कहा जाए तो युवा नदी में मस्ती करते हैं और उन्हें देखने या रोकने वाला कोई नहीं है।
रविवार को बस्ती के युवक की मौत के बाद सोमवार को तो घाट पर सन्नाटा पसरा रहा, लेकिन यह सन्नाटा भी केवल दो से तीन दिनों का है। इसके बाद फिर यहां भीड़ बढ़ने लगेगी। रविवार को भी युवक स्नान कर रहे थे। दोपहर एक बजे के करीब बस्ती का युवक स्नान करने गया। नदी की गहराई का अंदाजा न होने पर वह आगे बढ़ गया और डूबने से उसकी जान चली गई।
थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश कुमार पांडेय ने बताया कि मुखलिसपुर चौकी को निर्देशित किया गया है कि पंप कैनाल और बैरियर पर नहाते हुए युवकों को रोका जाए। पंप कैनाल के कर्मचारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि अगर यहां अनावश्यक भीड़ लगे तो तुरंत थाने को सूचित करें।