संतकबीरनगर। जिला क्षय अस्पताल में दो माह से टीबी के गंभीर मरीजों को दी जाने वाली दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही हैं। गरीब तबके के मरीजों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
शासन ने वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत अभियान चला रहा है। इसके तहत टीबी के मरीजों की जांच व दवाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। साथ ही गंभीर मरीजों को प्रतिमाह पोषण के लिए पांच सौ रुपये प्रतिमाह दिए जाने का प्रावधान है। इधर, पिछले दो माह से टीबी के गंभीर मरीजों के लिए जरूरी दवाओं की किल्लत है। इसमें लीनियोजोलाइड, स्लाइकोसेरीन, क्लोफेमाइन आदि दवाएं शामिल हैं। मरीजों को ये दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। यह दवा एक सप्ताह के लिए करीब 170 रुपये में मिलती है। इस संबंध में जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एसडी ओझा ने बताया कि जो दवाएं उपलब्ध नहीं हैं, उनकी डिमांड की गई है। तत्काल में मरीजों को राहत मिले, इसके लिए दूसरे स्थानों से दवाएं मंगाने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही दवा उपलब्ध हो जाएगी।