धनघटा। शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं में शुमार प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना का पोर्टल मार्च से बंद है। इससे पहली बार मां बनने वाली लाभार्थी महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। विकास खंड हैंसर बाजार और पौली के विभिन्न गांवों की महिलाओं को योजना से वंचित होना पड़ रहा है। महिलाएं और उनके परिवार के लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समेत अन्य कार्यालयों का चक्कर काट रहे हैं।
इस पोर्टल के बंद होने के कारण विकास खंड हैंसर बाजार की 1200 और पौली की करीब 700 महिलाएं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लाभ से वंचित हैं। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि पोर्टल अपडेट किया जा रहा है। पोर्टल खुलने के बाद इसका लाभ पात्र महिलाओं को मिलना शुरू हो जाएगा।
मालूम हो कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का शुभारंभ एक जनवरी 2017 को हुआ था। पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को 5000 रुपये तीन किस्तों में दिए जाने का प्रावधान है। दोनों ब्लॉकों में अब तक इस योजना से 6000 से अधिक महिलाओं को लाभ दिया जा चुका है। विभागीय लोगों का कहना है कि शासन अब मातृत्व वंदन योजना दो का शुभारंभ करने की तैयारी में है। इसमें लाभार्थियों का पंजीकरण आशा, एएनएम मोबाइल फोन के जरिए करेंगी। इसके लिए प्रति लाभार्थी उनको 250 रुपये दिए जाएंगे। सूत्रों का कहना है कि मातृत्व वंदन योजना-दो की गाइडलाइन के अनुसार पहली संतान होने पर 5000 हजार रुपये और दूसरी संतान पुत्री होने पर 6000 रुपये दिए जाएंगे। यह धनराशि दो किस्तों में दी जाएगी। इसमें जननी सुरक्षा योजना का धनराशि भी शामिल है।
00
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का पोर्टल बंद नहीं है। बल्कि इसके नियमों में संशोधन किया जा रहा है। लाभार्थी को अधिक दौड़-भाग न करनी पड़े, इसके लिए वह स्वयं या आशा के माध्यम से मोबाइल पर रजिस्ट्रेशन कर करा लें। इसी व्यवस्था पर शासन स्तर पर कार्य चल रहा है। उम्मीद है कि अगले महीने से नई व्यवस्था लागू हो जाएगी और लाभार्थी आसानी के साथ प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ ले सकेंगे। -डॉ रवि कुमार सोनकर, अधीक्षक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली