सेमरियावां। विकास खंड के बिगरामीर गांव में गढ़ी भूमि की पैमाइश नहीं हो सकी। नायब तहसीलदार प्रेम नारायण के नेतृत्व गठित सात सदस्यीय टीम बिना पैमाइश के लौट गई। गढ़ी पर अतिक्रमण मामले की जांच के लिए एसडीएम खलीलाबाद की ओर से गठित सात सदस्यीय राजस्व टीम गठित की।
टीम को बुधवार को गांव में पहुंचकर भूमि की स्थलीय एवं अभिलेखीय जांच और सीमांकन व चिह्नांकन करना था। बुधवार को नायब तहसीलदार के नेतृत्व में गठित राजस्व टीम गांव में मौके पर पहुंची। बिगरामीर गांव के अब्दुर्रहमान ने गांव में गाटा संख्या-229, रकबा 0.744 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण होने से जल निकासी समस्या को लेकर तहसील दिवस समेत एसडीएम, तहसीलदार व ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी।
आरोप है कि गढ़ी समतल कर अतिक्रमण कर लिया गया है, जिससे खेत के पानी का बहाव नहीं पा रहा है, जिससे जलभराव की स्थिति बन गई है। कई साल से लगातार जलभराव से धान की फसल नष्ट हो जाती है। तीन साल से शिकायत की जा रही है।
शिकायत पर तहसीलदार खलीलाबाद ने हल्का लेखपाल से जांच कराई। जांच में शिकायत सही पाई गई। तत्कालीन तहसीलदार की ओर बीडीओ से गढ़ी खोदाई कराने को कहा भी गया। शिकायतकर्ता अब्दुर्रहमान ने कहा कि इस संबंध में कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई। तहसीलदार से लेकर लेखपाल व एडीओ पंचायत की जांच में अतिक्रमण की पुष्टि भी हो चुकी है। बुधवार को जांच टीम मौके पर पहुंची लेकिन फसल होने की वजह से लौट गई। फसल कटने के बाद जांच की बात टीम ने कही।
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एसडीएम के निर्देश पर बिगरामीर गांव में मौके पर जांच टीम पहुंची। आसपास स्थित खेत में धान फसल होने और भूमि नक्शा फटा होने के चलते गढ़ी सीमांकन के लिए पैमाइश नहीं हो सकी है। एक सप्ताह में धान फसल कटान के बाद अभिलेखागार से मौके का दूसरा भूमि नक्शा लाकर पैमाइश कर गढ़ी का सीमांकन किया जाएगा। रिपोर्ट एसडीएम खलीलाबाद को सौंप दी जाएगी।
-प्रेम नारायण, नायब तहसीलदार, खलीलाबाद