पीएचसी हरिहरपुर में तीन दिन न आने की सूचना लिखकर डॉक्टर और स्टाप नदारद।
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‘डॉक्टर साहब नहीं हैं... कृपया तीन दिन बाद आएं पीएचसी हरिहरपुर’
हरिहरपुर। करीब पांच साल के इंतजार के बाद जब पीएचसी हरिहरपुर में डॉक्टर की तैनाती हुई तो आसपास के ग्रामीणों को बेहतर चिकित्सा सुविधा की आस जगी। इन उम्मीदों को पीएचसी हरिहरपुर के कर्मचारी किस तरह रौंद रहे हैं इसकी बानगी अस्पताल गेट ताला डालकर चस्पा की गई नोटिस में देखने को मिल रही है। नोटिस में लिखा है कि ‘डॉक्टर साहब कैंप में गए हैं, शनिवार को जिला मुख्यालय पर रहेंगे। रविवार को छुट्टी होने की वजह से अस्पताल सोमवार को खुलेगा’। कुल मिलाकर लोगों को चिकित्सा सुविधा के लिए तीन दिन का इंतजार करना पड़ेगा।
शुक्रवार को दिन में करीब 12 बजे जब अमर उजाला ने पीएचसी हरिहरपुर की पड़ताल की तो वहां कोई नहीं मिला। अस्पताल का मुख्य गेट खुला था। अंदर जाने पर अस्पताल के दरवाजे पर ताला बंद था, जहां एक कागज पर सूचना चस्पा थी। उसपर लिखा था डॉक्टर साहब कैंप में गए हैं, शनिवार को जिला मुख्यालय पर रहेंगे। रविवार को छुट्टी होने की वजह से अस्पताल सोमवार को खुलेगा। कुल मिलाकर लोगों को चिकित्सा सुविधा के लिए तीन दिन का इंतजार करना पड़ेगा। अस्पताल के स्टाप भी नदारद थे। पूर्व चेयरमैन बनवारीलाल, विनोद कुमार, झुनखुन आदि लोगों ने बताया कि डॉक्टर की तैनाती महज खानापूर्ति है। यहां आने मरीजों को अक्सर डॉक्टर से मुलाकात नहीं होती है। इमरजेंसी सेवा के लिए रात में भी कोई नहीं रहता है। हियुवा नेता सुभाष त्रिपाठी ने डॉक्टर और स्टाप के लापरवाही की शिकायत उच्चाधिकारियों से करने बात कही है। सीएमओ डॉ. हरगोविंद सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं है। पूरा स्टाफ गायब है तो यह गलत है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
पीएचसी पर जाने वाले रास्ते की हालत दयनीय
हरिहरपुर। पीएचसी हरिहरपुर पर मुख्य सड़क से जाने वाले रास्ते की हालत काफी दयनीय है। खेत के बीच से जाने वाले चकरोड पर बने गड्ढे मरीजों और उनके परिजनों के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं है। रास्ते के किनारे उगे झाड़ से होकर गुजरना मुश्किल है। लोगों ने पीएचसी पर जाने वाले रास्ते के निर्माण की मांग डीएम से की है।