मुखलिसपुर और त्रिपाठी मार्केट रेलवे क्रासिंग के बीच बम मिलने वाले स्थान का निरीक्षण करते आईजी।
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त्रिपाठी मार्केट और मुखलिसपुर क्रॉसिंग के बीच में ट्रैक के किनारे हुए विस्फोट में एक शख्स के घायल होने और तीन बम बरामद होने की घटना के पुलिस और रेल प्रशासन सतर्क है। हालांकि घटना के 24 घंटे बाद भी बम रखने वालों का पता नहीं चल सका है। इसी क्रम में आईजी मोहित अग्रवाल ने बुधवार को घटना स्थल पर पहुंच कर निरीक्षण किया।
मंगलवार को कबाड़ बीनने वाले राजू थापा (50) ने जब पॉलिथीन में चार एक समान वस्तुएं देखी तो एक को वह पत्थर के टुकड़े से फोड़ने लगा। इसी दौरान हुए विस्फोट में वह घायल हो गया। उसका उपचार मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। विस्फोट के हरकत में आई पुलिस को जांच में तीन बम मिले, बम निरोधक दस्ते के पहुंचने पर पता चला कि ये तीनों सुतली बम हैं। जिसे निष्क्रिय कर दिया गया। घटना के बाद से ही प्रशासन सतर्क है। पुलिस व आरपीएफ अपने जांच में जुटी है।
बुधवार को घटना स्थल पर पहुंचे आईजी ने कहा कि जांच का निर्देश दिया गया है। घटना स्थल से यही प्रतीत हो रहा है कि अपराधियों ने किसी घटना को अंजाम देने के उद्देश्य से ट्रैक के किनारे के स्थान को सुरक्षित समझकर बम को छिपाया था। अपराधी कौन हैं और उनका क्या उद्देश्य था, इन सभी विंदुओ पर पुलिस जांच पड़ताल कर रही है। वहीं आरपीएफ के चौकी इंचार्ज आर के त्रिपाठी भी अपने स्तर से मामले का पता लगा रहे है। शहर में बुधवार को भ्रमण करके वह यह जानने का प्रयास किए कि कौन-कौन लोग बम बनाने का काम करते है। हालांकि उन्हें इसमें कोई सफलता नहीं मिल पाई है। साथ ही जीआरपी स्टेशन परिसर और ट्रेनों की चेकिंग करने में बेहद सतर्कता बरत रही है। कोतवाल कमला यादव ने बताया कि उन्हें लगता है कि किसी शरारती तत्व यहां लाकर बम को छुपा दिया था। पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।