राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के कार्यकर्ताओं ने आरक्षण की मांग को लेकर शुक्रवार को चौथे दिन कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मगहर के कसरवल में हुई घटना में निर्दोष लोगों को जेल भेजा गया। साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर संजय कुमार निषाद को भी गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि प्रदेश सरकार ने वादा किया था कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर मुकदमा वापस लिया जाएगा, लेकिन सरकार अपने वादे से मुकर गई है।
जेल में बंद आंदोलनकारियों को तत्काल रिहा किए जाने और आरक्षण दिए जाने की मांग की है। कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री, राज्यपाल व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया। राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के कार्यकर्ता रोहित निषाद, अशोक निषाद, जोगिनंद निषाद, अमरजीत निषाद, संजय आदि के नेतृत्व में शुक्रवार को बड़ी संख्या में निषाद समाज के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया।
इस दौरान धर्मेंद्र निषाद ने कहा कि निषाद समाज अपने हक के लिए लड़ाई लड़ रहा है। निषाद समुदाय को आरक्षण मिलना चाहिए, क्योंकि यह समाज शैक्षिक, राजनीतिक, आर्थिक रूप से काफी पिछड़ा है। कसरवल कांड की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए, जिन आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर जेल में बंद कर दिया गया है, उन्हें तत्काल रिहा किया जाए। बाद में जिलाधिकारी को मांग पत्र दिया।
प्रदर्शन में संदीप निषाद, इंद्रजीत निषाद, रवि निषाद, बृजेश निषाद, बलवंत निषाद, विजय बेलदार, अमरजीत मांझी, अखिलेश गौड़, जोगेंद्र, ओमकार, महाबल, बाबूलाल, चक्रवती, चीनी निषाद, कुसुम, तेरसी देवी, बाबूराम, राधिका देवी, सुरसती देवी, अनारपती देवी आदि मौजूद रही।